अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
सिविल अस्पताल ददाहू में रोगी कल्याण समिति की माली हालत इतनी पतली हो गई है कि एंबुलेंस में डीजल डलवाने के लिए तक बजट नहीं है। परिणामस्वरूप अस्पताल की एंबुलेंस खड़ी हो गई है। आपात स्थिति में इलाके के लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
पेट्रोल का पिछला बकाया अदा न करने के कारण पेट्रोल पंप के प्रबंधकों ने एंबुलेंस में पेट्रोल डलवाने से साफ इंकार कर दिया है। इस वजह से एंबुलेंस खड़ी हो गई है। यही नहीं अस्पताल के अन्य बिलों का भी भुगतान लटका हुआ है। प्रयोगशाला, एक्सरे, दंत उपकरण व दवाइयां आदि खरीदने पर भी फिलहाल विराम लग गया है।
उल्लेखनीय है कि ददाहू अस्पताल की व्यवस्थाओं को चलाने वाली रोगी कल्याण समिति के खाते में पैसों की कमी पिछले लंबे अर्से से चली आ रही है। यहां तक कि 62 हजार रुपये मासिक का वेतन भी इसी फंड से अदा किया जा रहा है। समिति पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया है जिससे अस्पताल की तमाम व्यवस्थाएं अब बंद होने के कगार पर हैं।
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बिजली बोर्ड को देने पड़े सवा लाख
बताया जा रहा है कि अस्पताल में नया जेनरेटर लगाया गया था जिसके लिए 1.28 लाख रुपये की राशि आरकेएस के फंड से बिजली बोर्ड को अदा की गई लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने यह राशि आरकेएस को वापस नहीं की। इस वजह से आर्थिक हालत और पतली हो गई है। आरकेएस में आय बढ़ाना तो दूर पुरानी देनदारियां चुकाना भी मुश्किल हो गया है।
अस्पताल प्रभारी से जवाब तलक करेंगे : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि एंबुलेंस सुविधा को किसी भी सूरत में बंद नहीं रखा जा सकता। पेट्रोल पंप की देनदारी को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह इस संबंध में सिविल अस्पताल ददाहू के प्रभारी से जवाब तलब करेंगे। बिजली बोर्ड को दिए गए 1.28 लाख रुपये की राशि जल्द आरकेएस के खाते में डाली जाएगी।