नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर में कम छात्रों की संख्या वाले 106 प्राइमरी और मिडल स्कूलों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यह विद्यालय कभी भी बंद हो सकते हैं। प्रारंभिक शिक्षा महकमे ने स्कूलों की सूची तैयार कर निदेशालय को भेज दी है। लिहाजा, सरकार के आदेश मिलते ही स्कूलों को बंद किया जा सकता है। ऐसे में स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी दूसरे नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाएगा।
बहरहाल, शिक्षा महकमे ने इसकी प्रपोजल सरकार को भेज दी है। सरकार को भेजी सूची में ऐसे भी स्कूल हैं जहां पर बच्चों का आंकड़ा न के बराबर है। सूची में ऐसे स्कूलों की संख्या 6 है। जबकि, बाकि अन्य स्कूलों में एक से लेकर 10 बच्चे ही अध्ययनरत हैं।
सरकार को भेजी है स्कूलों की सूची
उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ओएसडी दिलीप सिंह नेगी ने बताया कि 106 स्कूलों की सूची सरकार व शिक्षा निदेशालय को भेज दी है। यह सरकार के फैसले पर निर्भर है कि इन स्कूलों को बंद किया जाए या नहीं। फिलहाल, विभाग के आदेशानुसार सूची तैयार कर दी गई है।
बाक्स --
इन स्कूलों में है छात्रों की कम संख्या
प्राइमरी स्कूल मनडोरी, थोला, छनोटी, टिंबा कांडो, मैला शमाना, भरेन, शैऊबाग, कोट, घीन कांगन, मलहोटी, खालदनवल, मरयोग, नोमचेत, शरहोज, बैला, परली फोरार, सीऊ, सैरखी, भूगारी, बाग झझरा, बांगन, घासन, भनोट, धालाधोटी, पबेच, कुंथल पसोग, कवल बांदली, शडोग, रिहाना कोथल, खैरी और गोजन स्कूल शामिल हैं।
जबकि डिमटवाड़, अनहरा, कुफर निगाली, जोंग, अनरा, शावरी, बोराड़, बोहल, बनाना, पारलो, थाल्पा, बाग तिलवारी, सेंजा, भूवेरी, कांडा कोटी, जामल, उलाना, जंगलोट, मथाना, शामपुर, कलशेर, पडाहा, काथर, लोहारडी, कांगर कूफर, शेर बराल, शलयार, थार, गुंदल, भलगांव, दो सड़क़ा, नगोली, डाबरी, कांडो कटीयार, राखनी, रोजबांदली, आरवाली काटली, चाई महड़ोग, चकरेड़ा, बोंग, झाझर, सरोगा टिक्कर, जामली, कैलाथ, पूड़ला, टेडी बरोटी, चूड़न, बोग भरोटा, पुड़ला, शमयाला, रूदाना, डांडाआंज, धरेच, फूलपुर शमशेरपुर, कांडो मशगल, डाडवा खेला, नाड़ी और कुलथीना आदि स्कूल भी शामिल हैं।
इसके अलावा मिडल स्कूलों में सराहां के काथांजी, जनोट व रामघाट, शैऊबाग, मलाहण, माजरा ब्लॉक के सवाड़ा नाड़ासी, नौहराधार ब्लॉक के नाईचाना, नारग के डिलमन व मोहर में भी 10 और इससे कम बच्चे अध्ययनरत हैं। वहीं, नारग के शोगी चरवाग व जबयाना, बकरास ब्लॉक के मानल मेहल, सुरला ब्लॉक के झाझर, कफोटा ब्लॉक के कांडो छोग की भी यही स्थिति है।