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बांगरण पुल में दरारें, रेलिंग भी टूटी

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बांगरण पुल में दरारें, रेलिंग भी टूटी
क्षमता से अधिक वजन के वाहन गुजरने से हिली नींव
पुल ढहने से टूटेगा गिरिपार की 13 पंचायतों का संपर्क
आदेश शर्मा
राजपुर (सिरमौर)।
गिरिपार क्षेत्र को जोड़ने वाला एकमात्र बांगरण पुल जर्जर हो गया है। 9 टन भार क्षमता वाले इस पुल पर क्षमता से अधिक भार के वाहन गुजर रहे हैं जिससे पुल की नींव हिल गई है। पुल में गहरी दरारें पड़ने के साथ ही रेलिंग भी जगह-जगह से टूट गई है जो बड़े हादसे का कारण बन सकती है लेकिन इस पुल की मरम्मत के लिए विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा।
गौरतलब है कि 22 नवंबर 1985 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गिरि नदी पर बने बांगरण पुल का उद्घाटन किया था। गिरिपार क्षेत्र की 13 पंचायतों को इस पुल के सहारे पांवटा से जोड़ा गया। इलाके के लोगों के पास पांवटा पहुंचने के लिए कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। ऐसे में बांगरण पुल की जर्जर हालत होना इलाके के लिए चिंता का विषय है लेकिन सरकार एवं विभाग भी बांगरण पुल को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरत रहे हैं।
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क्षेत्रवासियों ने सरकार से बांगरण में डबललेन पुल निर्माण की मांग की है। उन्होंने विभाग से बांगरण पुल पर गहरे गड्ढे, दरारें एवं टूटी रेलिंग को तुरंत ठीक करने की मांग की है। अन्यथा कभी भी पुल ध्वस्त हो सकता है जिसके चलते 13 पंचायतों के किसान, मजदूर, विद्यार्थियों आदि का पांवटा से संपर्क टूट सकता है।
उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता राकेश खंडूजा ने कहा कि बांगरण पुल पर बने गड्ढे व दरारों को भरने तथा मरम्मत के लिये काम शुरू कर दिया है। जल्द ही पुल की टूटी रेलिंग भी ठीक कर दी जाएगी।
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इन पंचायतों को जोड़ रहा पुल
बांगरण पुल गिरिपार की डोगरी सालवाला, गोरखुवाला, बधानी, खोदरी माजरी, डांडा, अंबोया, राजपुर, नघेता, बनौर, शिवा, बडाणा, डांडा-कालाअंब पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोग जुड़े हुए हैं। पुल को नुकसान होने की स्थिति में इन इलाकों का संपर्क पांवटा से टूट जाएगा।
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