अमर उजाला ब्यूरो
नाहन(सिरमौर)। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र सीटू नाहन ने सोमवार को नाहन में अपनी मांगों को लेकर रोष रैली निकाली। इस दौरान हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन की जिला इकाई से जुड़े सदस्य भी साथ रहे। रैली नाहन चौगान से शुरू हुई जो विभिन्न मार्गों से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची। इस दौरान सीटू से जुड़े लोगों ने मजदूर विरोधी नीतियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उपायुक्त कार्यालय पहुुंच कर राज्य सचिव राजेंद्र ठाकुर की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से सीटू ने मजदूरों का न्यूनतम वेतन 22 हजार रुपये करने की मांग की। साथ ही महंगाई पर काबू करने के लिए पैट्रो पदार्थों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी करने, मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने, पेंशन सुविधा देने, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, बैंक, बीमा, दूर संचार, रेलवे, हवाई सेवाओं, बिजली, कोयला में विदेशी व निजी निवेश पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की गई है। श्रम कानूनों के साथ छेड़छाड़ बंद करने, मजदूरों के हित में श्रम कानून संशोधित करने, 45वें अखिल भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को अविलंब पूरा करने जैसे मामले भी सीटू ने जोरशोर के साथ उठाए।
उधर, प्रदेश भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने यूनियन के कल्याणकारी बोर्ड के अध्यक्ष के नाम श्रम एवं समझौता अधिकारी नाहन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी कामगारों को कल्याणकारी बोर्ड में पंजीकृत करने, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने, लाभार्थी को मिलने वाला लाभ एक माह के भीतर देने सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से पूरा करने की मांग की गई।
इस मौके पर राज्यसचिव राजेंद्र ठाकुर, जिलाध्यक्ष लाल सिंह, जिला कोषाधिकारी आशीष कुमार, पुरुषोत्तम सिंह, राम सिंह, कश्मीर सिंह, हीरा सिंह, सुरेंद्र सिंह, विनोद कुमार, जसमंत सिंह, नागिंद्र सिंह, रतन सिंह, हरनाम सिंह, अंजू बाला, आशा देवी, निर्मला देवी आदि दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।