नाहन (सिरमौर)। सार्वजनिक प्रणाली के अंतर्गत दो डिपो में अनियमितताएं बरतने पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 29,668 रुपये का जुर्माना ठोका है। वहीं, भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की चेतावनी भी दी है।
मामले पांवटा साहिब के माजरा और संगड़ाह के डिपुओं के हैं। चेकिंग के दौरान एक डिपो में स्टॉक कम मिलने का मामला सामने आया है। जबकि दूसरे डिपो में सोसायटी की गलती की वजह से 4.25 क्विंटल उड़द की दाल खराब हो गई थी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक मिलाप चंद ने इसकी पुष्टि की है।
उनके अनुसार अगस्त 2018 में विकास खंड पांवटा साहिब के माजरा और संगडाह में दो उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई थीं। उन्होंने बताया कि माजरा स्थित उचित मूल्य की दुकान में 4.25 क्विंटल दाल उड़द की दाल खराब पाई गई थी। जिसे तुरंत बदल दिया गया था। लेकिन, जांच करने पर पाया गया कि उचित मूल्य के दुकान धारक द्वारा नया स्टॉक बेचा जाता रहा। लेकिन, पुराना स्टॉक वहीं नीचे दबाकर रखा गया। अप्रैल 2018 की पैक की गई दाल अगस्त 2018 तक खराब हो गई। जिला नियंत्रक मिलाप चंद ने बताया कि इसके चलते सभा को 21, 250 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जबकि संगड़ाह में छानबीन के दौरान उपभोक्ताओं की अपेक्षा स्टॉक कम पाया गया था। इससे जाहिर होता है कि उन्होंने राशन बेच दिया। लिहाजा, उन्हें भी 8418 रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने सभी डिपो धारकों से आग्रह किया है कि वे थोक गोदाम से वस्तुएं प्राप्त करते समय गुणवत्ता का ध्यान रखें। उचित मूल्य की दुकान में भी खाद्य वस्तुओं का सही रखरखाव करें ताकि उपभोक्ताओं को सही खाद्यान्नों का वितरण किया जा सके। उन्होंने सभी उचित मूल्य के दुकान धारकों को निर्देश दिए कि यदि थोक गोदाम प्रभारियों द्वारा उन्हें कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्न जारी किए जाएं तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित निरीक्षक एवं अधोहस्ताक्षरी को दें।