अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)।
पानी की किल्लत से जूझ रहे दुगाना गांव के ग्रामीणों ने लगातार दूसरे दिन आईपीएच विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सोमवार को आईपीएच कार्यालय में ताले लगाकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। जबकि मंगलवार को कफोटा पहुंचकर ग्रामीणों ने एसडीओ कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान आईपीएच के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
गौरतलब हो कि कफोटा उपमंडल के तहत आने वाले दुगाना गांव में करीब 20 दिनों से पानी का संकट चल रहा है। लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं जिसके चलते ग्रामीण अब आंदोलनरत हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि दुगाना गांव के लिए दो स्कीमों से पानी आपूर्ति की जा रही है। एक ग्रेविटी स्कीम है। जबकि दूसरी उठाऊ पेयजल योजना। बावजूद इसके गांव में एक साल से पानी की किल्लत चल रही है। जबकि पिछले 20 दिनों से तो पानी की एक बूंद भी नलों से नहीं टपकी है। प्रदर्शनकारी गुलाब सिंह भंडारी, कुलदीप सिंह, रामभज शर्मा, मुंशी राम पुंडीर, रघुवीर सिंह, चंद्र सैन, कुलदीप पुंडीर, सुल्तान व सुनील कुमार ने बताया कि उनके गांव में तीन सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है जिस कारण हाहाकार मचा हुआ है।
उन्होंने बताया कि ग्रेविटी स्कीम में पानी की कमी है। पानी के स्टोर टैंक तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जबकि दूसरी उठाऊ पेयजल योजना कई जगहों से टूटी पड़ी है, जिस विभाग दुरुस्त करवा पाने में नाकाम हो रहा है। विभाग की लापरवाही से लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने विभाग को कई बार चेताया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई जिस कारण मजबूर ग्रामीणों को प्रदर्शन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अविलंब पानी उपलब्ध नहीं करवाया तो चक्का जाम किया जाएगा जिसकी जिम्मेवारी विभाग की होगी।
उधर, सहायक अभियंता कफोटा राजेंद्र चौधरी ने बताया कि उन्हें पानी की समस्या का शुक्रवार को ही पता चला। दो दिन विद्युत आपूर्ति ठप रही जिस कारण स्कीम में वेल्डिंग का कार्य नहीं हो पाया। अब वेल्डिंग कर दी गई है। जबकि गांव में पानी के लिए टैंकर भेज दिए गए हैं।