नाहन (सिरमौर)। सीटू की जिला सिरमौर कमेटी ने केंद्र सरकार से न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने की मांग की है। जिला इकाई ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी निर्णय लेने का भी आरोप लगाया है।
सीटू की जिला सिरमौर कमेटी की बैठक रविवार को नाहन में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष नीलम शर्मा ने की। इस दौरान राज्य महासचिव प्रेम गौतम विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रेम गौतम ने केंद्र की मोदी सरकार पर मजदूर विरोधी होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान श्रम कानूनों को कमजोर किया है। पेंशन और नियमित नौकरी को खत्म कर दिया गया है। रोजगार पैदा करने के लिए सरकार के पास कोई नीति तक नहीं है। जो रोजगार था वह भी उसे भी अपनी नीतियों से खत्म करके रख दिया है। उन्होंने बताया कि इन कारणों से नर्ववर्ष पर 8-9 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल की जा रही है। इसमें पूरे देश से 30 करोड़ लोग भाग लेंगे।
सीटू के जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि देश में उद्योग व बाजार खत्म होने के कगार पर है। महंगाई ने मजदूर वर्ग की हालत को बदतर कर दिया है। उन्होंने कहा कि 8-9 जनवरी को जिला सिरमौर में भी हजारों लोग हड़ताल पर होंगे।
बैठक मेें कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इसमें न्यूनतम वेतन 18 हजार देने, मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी तीन सौ करने, मजदूर कर्मचारियों को पेंशन देने, आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने आदि कई मांगें शामिल रहीं। बैठक में आशीष कुमार, मोती राम, ममता, देव कुमारी, रजवान, दीपक, हीरा सिंह, राम सिंह, अरुण कुमार, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।