फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान जोखिम में डाल कर बस की छत पर सफर

विज्ञापन
धारटीधार के गातू से पांवटा चलने वाली बस में हो रही अोवरलोडिंग। - फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
विज्ञापन
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिला सिरमौर के धारटीधार क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डाल कर पांवटा पहुंच रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ ही सरकारी और निजी कार्यालयों के कर्मचारियों में सुबह ही पांवटा पहुंचने की होड़ मची रहती है। इसके लिए बस में भीतर जगह नहीं मिलने पर छत पर सफर करना उनकी विवशता बन गई है। इलाके में सुबह सिर्फ एक ही बस चलती है। लोग लंबे समय से इस रूट पर दूसरी बस चलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। जिले के धारटीधार क्षेत्र में बरसात के दिनों में भी बसों की ओवरलोडिंग से हादसों का खतरा बना हुआ है। एचआरटीसी की एकमात्र बस करीब साढ़े सात बजे पांवटा की तरफ चलती है। यह बस धारटीधार गातू से मालगी, छछेती होकर राजबन से पांवटा पहुंचती है। बस में जान जोखिम में डाल कर सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारी, कॉलेज, आईटीआई समेत शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी सफर करते हैं। सवारियां अधिक होने के कारण लोग बस की छत पर सफर करने के लिए मजबूर हैं। ओवरलोड बस में सफर लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। बस की सीटें फुल होने के बावजूद गैलरी में लोग ठूंस-ठूंस कर भरे जाते हैं। इन दिनों बरसात के मौसम में सड़कें भी खस्ताहाल हैं। भूस्खलन का खतरा भी रहता है। ओवरलोडिंग बसों के चलते बस में सवार यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। उधर, एचआरटसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रशीद शेख ने कहा कि लोगों की लिखित मांग आने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन

छत पर सफर करना बना मजबूरी
मालगी पंचायत प्रधान सीमा कपूर ने कहा कि इस रूट पर एकमात्र एचआरटीसी की बस है, जो सुबह साढ़े सात बजे धारटीधार से पांवटा तथा शाम साढ़े तीन बजे वापस धारटीधार को चलती है। तीन वर्षों से क्षेत्रवासी निगम की दूसरी बस चलाने की मांग कर रहे हैं लेकिन, आज तक सेवा शुरू नहीं हो सकी। लोग मजबूरन खड़े-खड़े और छत पर सफर करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें