पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा में यमुनाघाट, यमुनापुल और श्री राधाकृष्ण मंदिर तक हो रहे अवैध खनन को लेकर आखिर पांवटा प्रशासन गंभीर हो गया है। ‘अमर उजाला’ में बार-बार अवैध खनन का मुद्दा उठने के बाद रविवार को प्रशासन और पुलिस की टीम यमुनाघाट पहुंची लेकिन उत्तराखंड के खननकारियों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि अधिकारियों की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही खननकारी मौके से भाग खड़े हुए।
प्रशासन ने ट्रक और तीन ट्रैक्टर दबोचे। ट्रक संचालक से 15 हजार और एक ट्रैक्टर संचालक को 5 हजार जुर्माना किया। जबकि दो ट्रैक्टर संचालकों को जुर्माना किया जाना है।
यमुना नदी में रविवार सुबह भी खनन शुरू हो गया था। अवैध खननकारियों को दबोचने हिमाचल की तरफ से एसडीएम व डीएसपी पांवटा की टीम रवाना हुई। टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही अवैध खननकारी व वाहन भाग खड़े हुए। टीम ने खननकारियों का पीछा किया तो वे एक ट्रक और तीन ट्रैक्टर रास्ते में छोड़कर भाग गए जिन्हें कब्जे में लिया गया है।
गौरतलब है कि अवैध खननकारी हिमाचल राज्य से बुर्जियां उखाड़ कर अवैध खनन कर रहा है जिससे ऐतिहासिक धार्मिक आस्था का स्थल यमुनघाट खतरे में है। ‘अमर उजाला’ ने सिलसिले बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जिस पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने यह छापेमारी की। एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने खुद टीम का नेतृत्व करते हुए डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान, खनन विभाग व पुलिस जवानों को साथ दिया।
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी जारी रहेगी। उत्तराखंड क्षेत्र में लीज परमिट संचालक को भी चेतावनी दे दी गई है। एक ट्रक और एक ट्रैक्टर संचालक से जुर्माना वसूला गया है, जबकि दो ट्रैक्टर पांवटा थाना में लाए गए हैं। उनसे भी जुर्माना वसूला जाएगा।