महज तीन कमरों में चल रही आठ कक्षाएं
मिडल स्कूल ढंगयार में छोटा पड़ा भवन
उच्चाधिकारियों को समस्या से कराया है अवगत : गुरुदत्त शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक एवं व्यवस्थागत सुधार के सरकारी दावों पर संतोष नहीं किया जा सकता। कहीं शिक्षकों की कमी चल रही है तो कहीं बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्कूल भवन नहीं है। पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मिडल स्कूल ढंगयार का भी यही हाल है। यहां का स्कूल भवन छोटा पड़ गया है। स्कूल की आठ कक्षाएं महज तीन कमरों में चल रही है। एक कमरे में तो एक साथ तीन कक्षाओं के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी कमरे में स्कूल का स्टाफ रूम और मुख्याध्यापक का कार्यालय भी है।
स्कूल में कमरों की कमी के कारण लोगों में भी व्यापक रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां पर मिडल स्कूल की कक्षाएं चल रही हैं, वे कमरे भी प्राथमिक पाठशाला के ही हैं। सरकार ने स्कूल को पदोन्नत तो कर दिया लेकिन भवन निर्माण के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया। परिणामस्वरूप अब यह भवन छोटा पड़ने लगा है।
स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान लेखराज पराशर, मदन गोपाल, अमर दत्त, रवि पराशर, लेखराज व लीला दत्त ने बताया कि ढंगयार प्राथमिक पाठशाला की पांच कक्षाएं दो कमरो में चल रही हैं। जबकि माध्यमिक पाठशाला की तीन कक्षाएं, मुख्याध्यापक कार्यालय और स्टाफ रूम एक ही कमरे में चल रहा है। इस समस्या की जानकारी पूर्व उपनिदेशक को भी दी है जिस पर तत्कालीन एसडीएम और उप निदेशक दलीप सिंह नेगी ने स्कूल का निरीक्षण किया।
नयागांव केंद्र प्रभारी गुरुदत्त शर्मा ने बताया कि ढंगयार प्राथमिक पाठशाला के चार कमरे थे। इसमें से तीन कमरे प्राथमिक पाठशाला के पास हैं। एक कमरा माध्यमिक पाठशाला को दिया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक पाठशाला के दो कमरों में कक्षाएं चल रही हैं, जबकि एक कमरा स्टाफ के पास है। माध्यमिक पाठशाला की तीन कक्षाएं एक ही कमरे में चल रही हैं। पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। जल्द ही समस्या के समाधान की उम्मीद है।
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देव राज शर्मा--------संजय भारद्वाज