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सड़क दुर्घटना ने लील ली गरीब परिवार की खुशियां

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिलाई (सिरमौर)। बुजुर्ग और बीमार मां-बाप का सहारा एक सड़क दुर्घटना ने छीन लिया है। टिंबी के समीप सियारी में टाटा-407 के लुढ़क जाने से भटनोल के युवक प्रदीप की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि, छोटे-छोटे दो बच्चे अब भी अपने पिता के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें क्या मालूम कि सुबह घर से निकले उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। सोमवार रात टिंबी के समीप हुए इस सड़क हादसे ने गरीब परिवार की तमाम खुशियां छीन ली हैं।
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हादसे ने प्रदीप के परिवार को कभी न भुलाने वाले जख्म दिए हैं। प्रदीप की मां मस्तो देवी मानसिक रूप से बीमार है, जबकि पिता अत्तर सिंह भी लंबी बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। प्रदीप के दो छोटे बेटे दिव्यांश और लक्ष ठाकुर को शायद यह अहसास भी नहीं कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया है। पत्नी नीलम का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के साथ ही बुजुर्ग सास-ससुर की जिम्मेदारी भी अब उसके कंधों पर आ गई है। पति की मौत ने नीलम को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। वह मानों अपनी सुधबुध खो बैठी है। उनका सपना अपने बच्चों को पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाना था। लेकिन, विधाता को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को भटनोल गांव के श्मशानघाट में मृतक प्रदीप का विधिविधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे दिव्यांश ने पिता को मुखाग्नि दी। प्रदीप को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों और सगे संबंधियों की भारी भीड़ उमड़ी। उधर, हादसे से फिर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों सिरमौर में सड़क हादसों की रफ्तार नहीं थम रही। सड़कों की खस्ताहालत को सुधारने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही। कई स्थानों पर न तो पैरापिट हैं और न ही क्रैश बैरियर। ऐसे में लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
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