नाहन (सिरमौर)। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने वीरवार को नाहन में एक आम सभा की। इस दौरान जेबीटी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके डिप्लोमा होल्डरों के साथ प्रशिक्षुओं ने जेबीटी शिक्षकों की भर्तियों में बीएड धारकों की भर्ती का विरोध जताया। जेबीटी डिप्लोमाधारक विनीत शर्मा, राजेंद्र शर्मा, विशाल भाटिया, अजय ठाकुर, तपेंद्र, मनोज, संदीप, गीताराम, शीला, रजनी, ममता व पूनम आदि ने बताया कि प्रदेशभर में जेबीटी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके योग्य उम्मीदवारों की संख्या 25 हजार के करीब है। जबकि 15 हजार के करीब डीएलएड धारक हैं। उन्होंने कहा कि जेबीटी अभ्यर्थी प्राथमिक स्तर पर सभी विषयों में प्रशिक्षित हैं। बीएड व जेबीटी का प्रशिक्षण स्तर भी अलग अलग है। ऐसे में जेबीटी भर्तियों में बीएड को प्राथमिकता देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल ही में बीएड धारकों को जेबीटी पदों के लिए अस्थायी अनुमति दी गई है। ऐसे में यह जेबीटी व डीएलएड अभ्यर्थियों के लिए तर्कसंगत निर्णय नहीं है। इसका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर जेबीटी अभ्यर्थियों ने रणनीति भी तैयार की। उन्होंने सरकार व न्यायालय से मांग की कि जेबीटी व बीएड अभ्यर्थियों को अलग-अलग रखा जाए। साथ ही बीएड धारकों को जेबीटी पदों पर अस्थायी अनुमति का फैसला वापस लिया जाए।