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सिरमौर में काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा शिक्षक दिवस

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काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे शिक्षक
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मांगपत्र की अनदेखी पर संघ ने लिया फैसला
काला दिवस के रूप में मनाएंगे शिक्षक दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के शिक्षक इस बार शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएंगे। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की जिला सिरमौर इकाई ने सरकार की ओर से उनके 48 सूत्री मांग पत्र की अनदेखी के विरोध में पांच सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। इस दिन शिक्षक स्कूलों में कार्य तो करेंगे लेकिन काले रिबन बांधकर अपना सांकेतिक विरोध भी प्रकट करेंगे। संघ के जिला प्रधान राजीव ठाकुर, प्रदेश मुख्य संरक्षक अजीत चौहान, महासचिव वीरभद्र नेगी, कोषाध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र शर्मा, शराफत अली, राजीव शर्मा आदि ने बताया कि उन्होंने सरकार को 48 सूत्री मांग पत्र सौंपा है। इस पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को शिक्षा सचिव अरुण शर्मा, जबकि एक मई को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ 48 सूत्री मांगपत्र पर चर्चा की गई है। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने उनकी मांगों को लेकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक सरकार और विभाग ने उनकी मांगों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि संघ 38 प्रवक्ताओं की वेतन वृद्धि रोकने का विरोध करता है। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को अविलंब लागू करने की भी मांग करता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में 4-9-14 के टाइम स्केल को मूल रूप से लागू करना, पदोन्नत प्रधानाचार्यों को नियमित करना, कंप्यूटर अध्यापक, पीटीए, पैरा एवं एसएमसी अध्यापकों के लिए ठोस नीति बनाना सहित कई मांगे शामिल हैं। इस पर सरकार को तत्काल अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए था लेकिन अभी तक सरकार और विभाग ने ऐसा नहीं किया है। इसके चलते वह सभी पांच सितंबर, शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएंगे। संघ के जिला प्रधान राजीव ठाकुर ने जिले के सभी शिक्षकों से शिक्षक दिवस पर काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी खंडों के प्रधानों से इस संदर्भ में चार सितंबर को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तब भी उनकी मांगों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया तो मजबूरन उन्हें और कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
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