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दलित शोषण मुक्ति मंच का नाहन में प्रदर्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में जातीय आधार हो रहे हमलों और अनुसूचित जाति से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग उग्र हो गए हैं। दलित शोषण मुक्ति मंच के बैनर तले बुधवार को सैकड़ों लोगों ने नाहन शहर में विरोध प्रदर्शन किया। नाहन बस अड्डे से उपायुक्त कार्यालय तक जोरदार रैली निकालते हुए प्रदर्शनकारियों ने खूब नारेबाजी की। उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विभिन्न मांगों को उठाया गया। बस स्टैंड से शुरू हुई रैली छोटाचौक, बड़ाचौक, दिल्ली गेट से गुरुद्वारा होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मंच ने कहा है कि प्रदेश में जातीय आधार पर हमले बढ़ रहे हैं। उनकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। सिरमौर के शिलाई में आरटीआई कार्यकर्ता केदार सिंह जिंदान की हत्या हो गई। चौपाल खंड के नेरवा में एक युवक को पीट-पीट कर मार डाला। हाल ही में कुल्लू में एक देव कार्यक्रम में सामूहिक रूप से जातीय आधार पर मारपीट का मामला सामने आया है। यहां तक कि जाति सूचक शब्द कहकर पीड़ितों को अपमानित भी किया गया है। प्रदेश के कुछ सरकारी स्कूलों में मिलने वाले दोपहर के भोजन के समय अनुसूचित जाति के बच्चों को अलग पंक्तियों में बिठाया जा रहा है। छुआछूत, जातीय उत्पीड़न और हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से इस वर्ग से जुड़े लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उपायुक्त कार्यालय के बाहर राज्य सह संयोजक आशीष कुमार, सदस्य सतपाल मान, अमिता चौहान, विजय चौरिया, अमर चंद, सुरेंद्रा, हरिदास बनोल्टा, तारा सिंह, सीता राम, राजेंद्र, अमर सिंह, बाबू राम आदि ने संबोधित किया। कोली समाज के प्रधान संजय पुंडीर, महासचिव संदीपक, वाल्मीकि सभा के प्रधान प्रदीप सहोत्रा, रविदास समाज से अमर सिंह, बाबू राम, महेंद्रो देवी, सीता, सेवती कमल, बॉबी नरेश, जगदीश पुंडीर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
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ज्ञापन में ये उठाई गईं मांगें
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में दलित शोषण मुक्ति मंच ने अनुसूचित परिवारों के अवैध कब्जे नियमित करने और भूमिहीनों को पांच बीघा भूमि देने की मांग उठाई। इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति उपयोजना को संवैधानिक दर्जा देने के लिए कानून बनाने, सरकारी क्षेत्र में अनुबंध, पार्ट टाइम, ठेकेदार के माध्यम से आउटसोर्स भर्तियों में आरक्षण लागू करने, केदार सिंह जिंदान की हत्या के बाद उनके परिवार को दी जाने वाली सहायता की घोषणा को तुरंत पूरा करने, जिंदान की पत्नी को घर बनाने के लिए शिमला में जमीन देने, नेरवा में युवक की हत्या के बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत मिलने वाले 8.25 लाख का भुगतान करने, कुल्लू के बंजार में जातीय आधार पर हुई मारपीट के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने, सरकारी नौकरियों की पदोन्नति में आरक्षण लागू करने, छुआछूत को खत्म करने के लिए मौजूदा कानूनों को और कड़ा करने की मांग उठाई है।
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