चार साल बाद भी नहीं बनी शिरगुल धार पेयजल योजना
आईपीएच की सुस्त कार्यप्रणाली के खिलाफ लोगों में गुस्सा
सिरमौर प्रवास पर आईपीएच मंत्री से मिलेंगे सैनधार के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। सैनधार क्षेत्र की चार पंचायतों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए तैयार की गई शिरगुल धार उठाऊ पेयजल योजना अधर में लटक गई है। 3.70 करोड़ की लागत से बनने वाली इस योजना का शिलान्यास चार साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था लेकिन, अभी तक योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसको लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीण सिरमौर दौरे पर आ रहे आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से योजना को पूरा कराने की गुहार लगाएंगे। योजना के तहत ददाहू के बायरी से पानी को उठाकर सैनधार क्षेत्र की कटाह शीतला, पनार, दीद बगड़ व कोटला मोलर पंचायतों के दर्जनों गांवों को जोड़ा जाना था। योजना का अधिकतर कार्य पूरा हो जाने के बाद भी ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। इसको लेकर ग्रामीण 14 सितंबर को जमटा में आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर से मिलेंगे। कोटला मोलर पंचायत के प्रधान रामदत्त, पूर्व सत्यानंद शर्मा, संतन सिंह, कटाह शीतला पंचायत के उपप्रधान अमर सिंह ठाकुर आदि ने बताया कि चार साल से ही वह इस योजना के पूरा होने की आस लगाए बैठे हैं। विभाग की सुस्त एवं लचर कार्यप्रणाली के चलने योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल से जोड़ने के दावे हवाई हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मसले पर लोग शुक्रवार को आईपीएच मंत्री से भी मिलेंगे।
उधर, विभाग के सहायक अभियंता जोगिंद्र सिंह ने बताया कि शिरगुल धार योजना का 90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। मुख्य टैंकों का निर्माण और पाइप लाइन को भी बिछाया जा चुका है। मुख्य पाइपों से लोगों के घरों तक पाइपों को जोड़े जाने का कार्य ही शेष है। इसको लेकर विभाग ने अतिरिक्त मजदूरों को मांगा है। इसी माह के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है।