बिरोजा कारखाना श्रमिकों की भर्ती में धांधली के आरोप
कहा-निर्णय तक नियमित न किए जाएं अनुबंध कर्मी
शिकायतकर्ताओं ने सरकार से उठाई कार्रवाई की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। बिरोजा कारखाना नाहन में वर्ष 2015 में हुई अकुशल श्रमिकों की भर्ती में धांधली के आरोप लगे हैं। चार उम्मीदवारों ने इस संदर्भ में तत्कालीन अधिकारी पर धांधली बरत कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस संदर्भ में अदालत की शरण ली है। जब तक इसका फैसला नहीं आता, तब तक इस प्रक्रिया के तहत भर्ती हुए 22 चयनित उम्मीदवारों के अनुबंध नवीनीकरण और नियमितीकरण पर रोक लगाई जाए।
नाहन में पत्रकारों से बातचीत में यशवंत बिहार कालोनी के शिकायतकर्ता राम चंद्र, हरीश कुमार, फिरोज खान और संजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2015 में बिरोजा कारखाना में 22 अकुशल श्रमिकों की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में 157.9 सेंटीमीटर लंबाई के युवक की लंबाई 164 सेंटीमीटर दिखाकर नौकरी दी गई। वह सरकार के समक्ष इसका साक्ष्य भी पेश कर चुके हैं। बावजूद इसके संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही उन्हें चार्जशीट किया गया। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वह कई बार सरकार से मामला उठा चुके हैं। पूर्व सरकार और वर्तमान सरकार को इस धांधली से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि भर्ती में एनसीसी, खेल आदि के प्रमाण पत्र लिए गए, जिनके बाकायदा अंक भी दिए गए। यह भर्ती मानों अकुशल श्रमिक की नहीं बल्कि फोर्स की हो रही हो। नियम एवं शर्तों का इस भर्ती में पालन नहीं किया गया। उन्होंने मांग की है कि इस मामले पर सरकार जल्द कार्रवाई करे। जब तक अदालत का फैसला नहीं आता, तब तक चयनित उम्मीदवारों के नियमितीकरण और अनुबंध नवीनीकरण पर रोक लगाई जाए।