अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर प्रदेश सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नई सरकार को बने दो माह का समय बीतने को है लेकिन इसके बावजूद भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कोई सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है।
पिछली सरकार के समय में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं, प्रदेश की नई सरकार भी व्यवस्था बनाने में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। इसको लेकर 100 दिनों के कार्यों की समीक्षा में यह सरकार के लिए सबसे कड़वा अनुभव साबित होगा।
फरवरी माह के 20 दिन बीत गए हैं लेकिन सरकारी डिपुओं से लोगों को पर्याप्त राशन नहीं मिल रहा है। डिपुओं से सभी चार दालें, रिफाइंड तेल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। इस कारण उपभोक्ताओं को डिपुओं के चक्कर काटने के बाद निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है।
डिपो में इन दिनों मात्र आटा, चावल, गेहूं व नमक ही उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। जबकि, रिफाइंड तेल और चार दालें डिपुओं से अभी भी गायब है। ददाहू तहसील के तहत पड़ने वाले सभी 30 डिपो में रिफाइंड तेल व दालों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा हजारों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
उधर, खाद्य एवं आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव दत्ता ने बताया कि रिफाइंड तेल की मांग प्रदेश सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि फरवरी माह के रिफाइंड तेल व दालों को अगले माह डबल देने का प्रयास किया जाएगा।