पांवटा साहिब (सिरमौर)।
करीब एक वर्ष पहले पांवटा मुख्य बाजार में लोनिवि की ओर से वाई प्वाइंट से मुख्य बाजार तक पक्की की गई सड़क की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। सड़क टूटने पर पांवटा के एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की थी। विजिलेंस को भी इसकी शिकायत की गई थी। सोमवार को विजिलेंस की टीम ने पांवटा पहुंचकर सड़क की जांच की और सैंपल जुटाकर जांच के लिए जुन्गा लैब को भेजे।
शहर के आरटीआई एक्टिविस्ट सीएम मधुर ने पांवटा की इस सड़क निर्माण में निम्न दर्जे की सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। कई विभागों को इसकी लिखित शिकायत की गई। एक वर्ष पहले रातों रात इस सड़क को बना दिया गया था। कुछ माह के भीतर ही सड़क की टारिंग पांवटा बाजार में उखड़ने लगी थी। आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस कार्य की शिकायत करके विजिलेंस टीम से जांच मांगी थी।
उन्होंने अंदेशा जताया कि घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के चलते सड़क टूटने लगी है। सोमवार को विजिलेंस विभाग व लोनिवि की संयुक्त टीम ने सड़क से सैंपल ले लिए हैं। वाई प्वाइंट से गीता भवन होकर विश्वकर्मा चौक तक बनी चिन्हित सड़क से टीम ने सैंपल ले लिए हैं। अब इन सीलबंद सैंपलों को जुन्गा फोरेंसिक लैब जांच को भेजा जा रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता विशाल भारद्वाज ने सैंपल लैब को भेजने की पुष्टि की है।