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बस किराये में बढ़ोतरी से जनता में आक्रोश

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bus fare
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नाहन (सिरमौर)। निजी बस ऑपरेटरों के दबाव में आकर सरकार ने बस किराया बढ़ा तो दिया लेकिन इसे लोगों में भारी रोष है। गौरतलब है कि सरकार ने न्यूनतम किराया जहां तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये कर दिया है वहीं पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में 20 और 24 फीसदी किराया बढ़ोतरी कर आमजन पर महंगाई का बोझ लाद दिया है। सरकार के इस फैसले से लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि यह फैसला उनके हित में नहीं है। लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं, उस पर सरकार ने किराये में भारी वृद्धि कर लोगों की जेब पर कैंची चला दी है। अमर उजाला ने बस किराये में हुई वृद्धि को लेकर लोगों से बात की, तो उनका गुस्सा कुछ यूं फूटा।
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1. रामाधौण निवासी धनवीर ने कहा कि बस में सामान्य वर्ग ही सफर करता है। किराये में वृद्धि कर सरकार ने आमजन की जेब पर बोझ लाद दिया है। सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए।
2. करताराम विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार को निजी बस ऑपरेटरों के दबाव में नहीं आना चाहिए था। वह पहले ही एचआरटीसी से कम किराया वसूलते थे। किराये में बढ़ोतरी से एचआरटीसी को सीधा नुकसान होगा।
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3. अमित कुमार ने कहा कि जनता महंगाई से पहले ही त्रस्त है। आटा, दाल चावल से लेकर हर सामान महंगा हो गया है। अब किराया बढ़ोतरी से जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार को पेट्रो पदार्थों पर लगने वाले टैक्स में छूट देनी चाहिए।
4. आशीष कुमार ने कहा कि बस किराये में बढ़ोतरी से सरकार ने लोगों पर महंगाई का बोझ लाद दिया है। इसकी मार गरीब पर ज्यादा पड़ेगी। केंद्र सरकार पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाए।
5. कॉलेज छात्र सचिन ठाकुर ने कहा कि शिक्षा पहले ही महंगी है। अब सरकार ने किराया बढ़ा दिया। बस में सफर करने वाले विद्यार्थियों को इससे नुकसान होगा। सरकार का यह फैसला आमजन के खिलाफ है। सरकार बढ़ोतरी का फैसला वापस ले।
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