अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों को समेटे अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न हो गया। मेले के संपन्न होते ही जिला प्रशासन व रेणुका विकास बोर्ड ने चेन की सांस ली। चुनावों की व्यस्तता के बावजूद भी इस वर्ष मेले में व्यवस्थाओं को जुटाने व मेलार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंकी थी जिसकी सराहना राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी की।
मेले के दौरान जहां स्थानीय जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के करीब 300 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से मेलार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया, वहीं प्रदेश की लोक संस्कृति से भी दर्शकों को रूबरू करवाया। क्षेत्र व पड़ोसी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने देवताओं के नजदीक से दर्शन पाने का लाभ भी प्राप्त किया।
मेले में कलाकारों के रहन-सहन व भोजन आदि की भी बेहतर व्यवस्था के चलते प्रशासन की प्रशंसा हुई। मेले के दौरान मैस की व्यवस्था हर वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक बेहतर पाई गई जिसका ठेका नाहन के ज्वाला टैंट हाऊस को दिया गया था। कुल मिलाकर मेले में दुकानदारों का कारोबार भी अच्छा रहा लेकिन अकेले दुकानदारों से ही मेला प्रशासन ने 45 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जो हर वर्ष की तुलना में सर्वाधिक है।
मेले में बढ़ती वाहनों की तादाद के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई जिसको लेकर पुलिस विभाग के सारे दावे खोखले साबित हुए। वहीं गिरिनदी पर अस्थायी पुल का निर्माण न होना भी जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया। मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला। हालांकि मेला बाजार में अभी भी खरीददारी का जोर बना हुआ है। लोग अपनी पसंदीदा वस्तुओं को खरीदने का लुत्फ उठा रहे हैं जिसको लेकर मेला बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।