अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या बॉलीवुड की स्टार कलाकार एवं प्रसिद्ध सूफी गायिका ज्योति नूरां के नाम रही। ज्योति नूरा ने करीब एक घंटे तक प्रस्तुति दी। सूफी तराने पेश कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
बुधवार को सांस्कृतिक संध्या का आगाज डीएवीएन पब्लिक स्कूल ददाहू के स्कूली बच्चों ने पहाड़ी लोकगीत पेश कर किया। इसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद नीलम पाठक, कोटखाई के महेंद्र शर्मा, शिमला की शांति हेटा, साधना कला मंच अर्की व सुन्नी के कलाकार विकास कुमार ने ऐसा जादू बिखेरा कि दर्शक वाहवाही कर उठे।
कलाकार एनडी शर्मा ने बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा..., गीत सुनाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। ठियोग से आए कलाकार बिट्टू खडेग ने पहाड़ी और फिल्मी गीतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने, ऊंची धारो रा नजारा, इक अधिया मंगाई जा रे, बदले तेरे तेवर जमाना, कल जुगों रा धोका करना व कुल्लू-मनाली लागा मेला.. आदि गीत सुनाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
पंजाब की स्टार कलाकार नूरां सिस्टर ने करीब 8.40 पर मंच संभाला। ज्योति नूरां ने अल्लाह हू अल्लाह हू.. सूफी गीत गाकर खूब रंग जमाया। नूरां ने शायराना अंदाज में नित खैर मंगा सोनिया मैं तेरी.., मेरी उंगली दे बीच फसदा.., सोने यार दा छल्ला.., नफा नुकसान सब सैन लगे.., टुम टुम बजे.., परदे में रहने दो.., तेरे मेरे दिल बीच व दमादम मस्त कलंदर गीत गाकर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।
तीसरी सांस्कृतिक संध्या के मुख्यातिथि उपायुक्त बीडी बडालिया ने ज्योति नूरां को हिमाचली टोपी व शॉल पहना कर सम्मानित किया। इस मौके पर एडीसी हरबंस ब्रस्कन, एसडीएम नाहन कृतिका कुल्हारी, तहसीलदार ददाहू देवी सिंह कौशल, बीडीओ संगड़ाह रमेश शर्मा, बीएमओ डॉ. संजीव शर्मा व सीईओ रविंद्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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