-शिलाई में सबसे अधिक छह सड़कें ठप, संगड़ाह और नाहन मंडल में पांच-पांच मार्ग अवरुद्ध
-नाहन की 18 और शिलाई की पांच पेयजल योजनाओं पर असर, गाद आने से जलापूर्ति ठप
-गिरि नदी का जल स्तर बढ़ने पर मंगलवार तड़के जटौन बैराज के पांच गेटों से छोड़ा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/शिलाई/संगड़ाह/राजगढ़ (सिरमौर)। जिला सिरमौर में सोमवार देर रात और मंगलवार तड़के हुई मूसलाधार बारिश का असर मंगलवार को भी जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण सड़क संपर्क बाधित हो गया, जबकि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। लगातार बारिश से गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने पर मंगलवार तड़के जटौन बैराज के पांच गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार जिले में कुल 17 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें शिलाई मंडल की छह सड़कें, संगड़ाह और नाहन मंडल की पांच-पांच सड़कें और पांवटा साहिब मंडल की एक सड़क शामिल है। लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनरी के साथ प्रभावित मार्गों पर मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जा रहा है।
बारिश का असर पेयजल योजनाओं पर भी पड़ा है। जलशक्ति विभाग के अनुसार नाहन मंडल की 18 और शिलाई मंडल की पांच पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर स्रोतों में गाद भरने और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति बाधित हुई है। विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य और जलापूर्ति बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उधर, भारी बारिश के चलते गिरि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार तड़के 1:45 बजे जटौन बैराज के एक से पांच नंबर तक के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।
जिला प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने वाले लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और बंद मार्गों पर जाने का प्रयास नहीं करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति, सड़क अवरोध या अन्य सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करने की अपील की गई है।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष प्रियंका वर्मा ने बताया कि जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार हैं। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।