आठ दिन में उद्यमियों को दो सौ करोड़ की चपत
माल ढुलाई शुरू, उद्यमियों ने ली राहत की सांस
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देशव्यापी ट्रक हड़ताल के खत्म होने से सिरमौर के उद्यमियों ने शनिवार को राहत की सांस ली। आठ दिन तक चली हड़ताल से उद्यमियों को दो सौ करोड़ रुपये की चपत लगी है। उद्यमियों में हड़ताल खत्म होने की खुशी तो है लेकिन आठ दिन में आर्थिक विषमता के दौर से गुजरे उद्योगों की व्यवस्था पटरी पर लाने में अभी काफी वक्त लगेगा। हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि आठ दिन के भीतर जिले के सैकड़ों उद्यमियों को करीब दो सौ करोड़ का नुकसान हुआ है। अब, भारत सरकार और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनी के बीच समझौता होने के बाद शनिवार से ट्रासपोर्टरों ने ढुलाई कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले ही आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही दर्जनों लघु इकाइयों को संभलने में समय लग सकता है। तैयार माल स्टोरों में पड़ा है। बाहर गया माल जगह-जगह रुके ट्रकों में लदा रहा। हड़ताल से कई इकाइयों का कार्य ठप हो चुका था। करीब दो हजार अतिरिक्त लेबर को फिर से अब कार्य मिल सकेगा। सबसे ज्यादा दिक्कत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर फूड प्रोडेक्टस तैयार कर भेजने वाली कंपनियों को हुई है, जिनका माल तय समय के बीच मार्केट में पहुंचना होता है। लेकिन, राहत की बात यह है कि शनिवार से ट्रासपोर्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है।
पांवटा में चार सौ वाहनों को ढुलाई ऑर्डर मिले
सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलजीत सिंह नागरा ने बताया कि देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों को करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ है। लेकिन, अधिकतर मांगें पूरी होने पर अब कार्य धीरे-धीरे पटरी पर आ सकेगा। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान करीब 900 ट्रक बाहरी राज्यों में फंसे रहे। इनमें से अभी भी देश के विभिन्न राज्यों से फंसी करीब 550 गाड़ियों के लौटने का इंतजार है। शुक्रवार को हड़ताल समाप्त होने की सूचना केंद्र और राज्य इकाई से मिल गई थी। इसके बाद अब ट्रांसपोर्टरों ने कार्य शुरू कर दिया है। शनिवार को पांवटा क्षेत्र की इकाइयों से चार सौ ट्रक ट्रालों की डिमांड आई है। उन्होंने हड़ताल के समय चट्टान की तरह साथ खड़े रहने पर ट्रांसपोर्टरों का आभार भी जताया।