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मंत्री के आदेशों को ठेंगा, नहीं सुलझी पेयजल किल्लत

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पेयजल समस्या न सुलझने पर शिलाई में प्रदर्शन
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मंत्री के आदेशों को ठेंगा, दूर नहीं हुई किल्लत
एक महीने से पानी को तरस रहे बांगना के लोग
घोड़े-खच्चरों से टोंस नदी से पानी ढोने को विवश
अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। राज्य सरकार के जनमंच कार्यक्रम में भले ही हजारों समस्याओं का समाधान हो रहा है लेकिन अनसुलझी समस्याएं जस की तस पड़ी हैं। मामला शिलाई विधानसभा क्षेत्र के बांगना गांव का है। पिछले महीने शिलाई के गिरनौल में हुए जनमंच कार्यक्रम में बांगना के ग्रामीणों ने पेयजल किल्लत का मामला उठाया था। लेकिन, आज तक इसका समाधान नहीं हो पाया। जबकि, मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मांगों का निपटारा 15 दिन के भीतर करने के आदेश दिए थे। एक महीने से पानी की किल्लत से जूझ रही गांव की महिलाओं ने सोमवार को शिलाई में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार और आईपीएच विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। गांव की महिलाएं जनवादी नौजवान सभा के बैनर तले शिलाई विश्राम गृह के साथ एनएच 707 पर पहुंचीं, जहां पर प्रदर्शन किया गया। आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सहायक अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा। इसके माध्यम से उन्होंने गांव में चल रही पेयजल किल्लत के स्थायी समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी आशा देवी, गीता देवी, बामो देवी, उजला देवी, झुंगरी देवी, राधा देवी, पानो देवी, बिशी देवी, गुलाबी, मालो देवी, शीला देवी, धर्मी देवी, सविता, केदारी देवी, संतोष देवी, अनीता देवी, देवो देवी, उर्मिला, दीपो देवी, कांता देवी, नीलमा देवी आदि ने बताया कि उनके गांव में 65 परिवार हैं। इन्हें एक महीने से पानी नहीं मिल रहा है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें मजबूरन घोड़ों और खच्चरों पर टोंस नदी से तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शिलाई में हुए जनमंच कार्यक्रम में भी यह मामला उठा था। इसके बाद गांव को दूधवानी से कांडो बागना प्रवाह पेयजल योजना से दो दिन पानी दिया गया। अब समस्या जस की तस है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए अन्यथा वह फिर से बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।
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