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पांच साल पहले लाइन बिछी, मीटर लगे लेकिन नहीं पहुंची बिजली

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जगत सिंह तोमर
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शिलाई (सिरमौर)।
बिजली बोर्ड की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच साल पहले शिलाई के दुर्गम क्षेत्र के उपगांवों को बिजली सुविधा से जोड़ने के लिए लाइन बिछाई। इसके बाद घरों के बाहर मीटर भी लटका दिए लेकिन हैरानी तब हुई जब मीटर तक बिजली ही नहीं पहुंची। बोर्ड ने गांव में एक पुराना ट्रांसफार्मर भी लगाया है। बोर्ड को इस कार्य को अंजाम दिए करीब पांच साल का वक्त बीत चुका है लेकिन ग्रामीणों के घर रोशन नहीं हो पाए।

दरअसल, बिजली बोर्ड ने इस कार्य को एक ठेकेदार को दिया था मगर वह इस कार्य को पूरा किए बगैर अधूरा ही छोड़कर चला गया। इसके बावजूद भी बोर्ड ने आज तक इसकी ओर ध्यान नहीं दिया है। लिहाजा ग्रामीण बोर्ड की कारगुजारी का खामियाजा भुगत रहे हैं।
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ग्रामीण हेतराम, केदार सिंह, जगदीश चंद, जगत सिंह, प्रताप सिंह, शिवराम, रामसिंह व सूरत सिंह ने बताया कि बिजली विभाग ने पांच वर्ष पहले एक ठेकेदार के माध्यम से बिजली की लाइन बिछाने का कार्य करवाया, जो आधा अधूरा काम कर चलता बना। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए विभाग ने गांव में बिजली का एक पुराना ट्रांसफार्मर भी लगाया है। यही नहीं लोगों के घरों में बिजली के मीटर भी लगा दिए लेकिन ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल रही है।

उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता उपमंडल पनोग व अधिशासी अभियंता को इस बारे कई बार लिखित व मौखिक तौर पर शिकायतें की जा चुकी हैं। पांच वर्षों में भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्युत लाइन में कटारा, चानपुरधार व शिरगुल मंदिर चांदपुरधार आते हैं। बिजली सुविधा न होने के कारण खास तौर पर स्कूली बच्चों व मंदिर में आने वाले श्रद्घालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जीत सिंह व पुजारी हीरा सिंह ने बताया कि मंदिर में भी बिजली मीटर तो टंगा है लेकिन बिजली नहीं पहुंची है।
उधर, जेई नवराज चौहान ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ ही समय यहां पदभार ग्रहण किए हुआ है। मामले पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
 
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