अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। शहर में फैल रही गंदगी के लिए विद्युत पेंशनर कल्याण समिति की नाहन यूनिट ने शहर के लोगों को जमकर लताड़ लगाई है। समिति का कहना है कि देश व प्रदेश की सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है बावजूद इसके क्षेत्र के लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह सुधरने की बजाए उल्टा इस शहर को गंदा करने पर तुले हुए हैं।
नाहन शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर समिति की एक बैठक हिंदु आश्रम नाहन में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता यूनिट प्रधान याकूब बेग ने की। बैठक में शहर के कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी पर गहन चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस बात पर गहरा रोष प्रकट किया कि शहर के कुछ लोग शहर के साफ रखने की बजाए इसे कूड़ाघर बनाने पर तुले हुए हैं। नगर परिषद द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर कूड़ेदान की व्यवस्था किए जाने के बाद भी कूड़ा, कूड़ेदान में ड़ालने की बजाए यहां-वहां सड़कों व गलियों में ही फेंका जा रहा है। कुछ ऐसे भी हैं जो कूड़ेदान तक पहुंच जाते हैं लेकिन कूड़े को कूड़ेदान की बजाए बाहर ही डाल कर चले जाते हैं जिससे गंदगी बढ़ती जा रही है।
याकूब बेग ने कहा कि गलियों व कूड़ेदान के बाहर पड़ी गंदगी बीमारी का अंदेशा तो जगा ही रही है बल्कि लोगों के लिए भी असुविधा कारण बन रही है। सड़क पर इस गंदगी में सुबह से शाम तक बंदर डेरा जमाए रहते हैं जिससे उस क्षेत्र से महिलाओं व बच्चों को गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बैठक में कई अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए जिसमें नगर परिषद से अनुरोध किया गया कि कूड़ेदान का डंपर जैसे ही भरे उसे तुरंत खाली करवाया जाए ताकि क्षेत्र में गंदगी न फैले। बैठक में उपस्थित याकूब बेग, महिंद्र सिंह सबरवाल, एबीलाल, महबूब आलम, शमशेर सिंह ठाकुर, बुंदू खान, मोहन लाल, गुरचरण सिंह, गोपाल सिंह ठाकुर, अशोक विक्रम, वीरेंद्र, विशाल, सत्यपाल वर्मा, सतपाल, बाबूराम, शफी मोहम्मद, रूलदू राम, गौरीदत्त, विशाल मणी, गोबिंद सिंह, भगवान सिंह ने शहरवासियों ने अपील की कि वह शहर को अपना घर समझें। उसकी सफाई पर भी उतना ही ध्यान दें जितना कि अपने घर की सफाई पर देते हैं। उन्होंने कहा कि शहर को साफ रखना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी सफाई को बनाए रखना भी जरूरी है।