अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार बंपर जीत हासिल करने वाली मोदी सरकार इस कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश होने वाले आम बजट से लोगों की भारी उम्मीदें हैं। कारोबारियों को जीएसटी प्रणाली में संशोधन करने की उम्मीद है, जबकि गरीब और मध्य वर्ग डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने की भी उम्मीद कर रहा है। पर्यावरण के लिए कार्य कर रहे लोगों की अपनी अलग ही उम्मीदें हैं। बजट को लेकर अमर उजाला ने आमजन से उनकी राय जानी।
1. कर्मचारी विनोद कुमार ने कहा कि मोदी सरकार से कर्मचारियों को बहुत उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि सरकार आयकर में और छूट दे। इसका उनको लंबे अरसे से इंतजार है।
2. गृहिणी खुशबू शर्मा ने कहा कि सरकार को दाल, चीनी, चावल, गेहूं, फल, सब्जी, तेल जैसी अन्य चीजों के दाम निश्चित करने चाहिए, जिससे गरीब वर्ग के लोगों पर महंगाई का बोझ न पड़े। उनको कम से कम दो वक्त की रोटी नसीब हो।
3. छात्रा निर्जला ठाकुर ने कहा कि निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को शोषण से बचाने के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देना चाहिए। सरकार से शिक्षण संस्थानों का ढांचा सुदृढ़ करना चाहिए, जो अब तक नहीं किया गया है।
4. दलीप सिंह वर्मा ने कहा कि वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू की जाए। ऐसा होने से वर्तमान में सरकारी कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को बुढ़ापे में दो वक्त की रोटी नसीब हो सकेगी।
5. भावना रतन ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह बैंकों में ट्रांजेक्शन पहले की तरह फ्री करे। वर्तमान में ट्रांजेक्शन पर शुल्क वसूलने से इतना ब्याज नहीं मिलता, जितना शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
6. अनिल शर्मा उर्फ टिप्पू ने कहा कि जीएसटी में व्यापारी वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम जीएसटी के अंतर्गत लाने चाहिए, जिससे इनके बढ़ते दामों से देशवासियों को राहत मिले।