नाहन(सिरमौर)। गर्मियां शुरू होने पर जिला सिरमौर के कई स्थलों पर पेयजल को लेकर त्राहिमाम शुरू हो गया है। एक दर्जन योजनाओं में जलस्तर कम होकर 25 से 30 फीसदी तक पहुंच गया है।
जिले के तीनों आईपीएच डिविजनों से करीब 156 वाटर टेंडर लगाने का मांग पहुंची है। इसके लिए करीब 2.31 करोड़ बजट खर्च होगा। पांवटा, नौहराधार, शिलाई व नाहन के कई स्थलों पर पेयजल किल्लत विकराल होती जा रही है।
आईपीएच विभाग के तीनों डिविजनों से जिला उपायुक्त को गर्मियों में वाटर टैंकर की मांग भेज दी गई है। नाहन डिविजन से जरूरत पड़ने पर 45 स्थलों पर करीब 80 वाटर टैंकर लगाने तथा इसके लिए 1.55 करोड़ बजट प्रावधान करने की मांग है।आईपीएच की नौहराधार डिविजन से 11 स्थलों पर 8 वाटर टैंकर के लिए करीब 22 लाख बजट की मांग रखी है।
वहीं,आईपीएच डिविजन पांवटा से गर्मियों में संवेदनशील 25 स्थलों के लिए 67 वाटर टैंकरों व कुछ स्थलों पर खच्चरों की व्यवस्था की मांग भेजी गई है।
उधर, अधीक्षण अभियंता नाहन अजय भाटिया ने कहा कि तीनों डिविजनों से डिमांड पहुंच गई है। नौहराधार, शिलाई व पांवटा डिविजनों के लिए कुल 156 वाटर टैंकर लगाने की मांग है। जिला उपायुक्त को मांग भेज दी गई है जिससे पेयजल संकट से प्रभावित जिले के स्थलों के लिए शीघ्र टेंडर लगाए जा सकें। सभी प्रक्रिया पूरी होने पर जिले के इन स्थलों पर वाटर टैंकरों व खच्चरों से जिले के प्रभावित स्थलों पर पेयजल आपूर्ति की जा सके।
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जिले के कई स्थलों पर पेयजल के लिए त्राहिमाम
कई योजनाओं में गिरकर जलस्तर 25 फीसदी से कम
जिला सिरमौर में कुल 985 योजनाएं हैं, जिसमें 720 ग्रेविटी, 242 लिफ्ट स्कीम व 23 पंपिंग ट्यूबवेल योजनाएं हैं। इनमें से दर्जनों योजनाओं का जल स्तर काफी कम हो गया है। आईपीएच के पांवटा डिविजन में करीब 75 पेयजल योजनाएं हैं। इसमें से 25 फीसदी योजनाओं में जल स्तर निरंतर कम हो रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। हरीपुर टोहाना की योजना में केवल 10 फीसदी जलस्तर रह गया है। 15 सौ जनसंख्या प्रभावित है। गरीब नाख व शिवपुर योजना में 25 फीसदी जल स्तर शेष है। इससे 14 सौ जनसंख्या को पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। आकालगढ़ कुआं सूखने से एक हजार जनसंख्या क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है।
काहनूवाला योजना में मात्र 20 फीसदी जलस्तर है। 700 जनसंख्या प्रभावित हो रही है। काहनूवाला तथा रुदाणा योजना में 20 फीसदी से कम जल स्तर पहुंच गया है। एक हजार से ज्यादा जनसंख्या प्रभावित हो रही है। नारीवाला योजना में केवल 25 फीसदी जल स्तर है। जंबू खाला व छल्लूवाला हैंडपंप सूख गया है। 10 परिवार पेयजल के लिए भटक रहे हैं। अमरकोट योजना से केवल 35 फीसदी तक जलस्तर रह गया है। 200 परिवार काफी दिनों से पानी को भटक रहे हैं। अधिशाषी अभियंता पांवटा नरेश धीमान व सहायक अभियंता जितेंद्र ठाकुर ने पुष्टि की है।
वहीं, आईपीएच विभाग नाहन डिविजन में एक शताब्दी पुरानी नहर स्वार योजना पाइप लाइन लीकेज से शहरी क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। वर्मा पापड़ी, सूर्या व चासी योजना में जल स्तर गिर कर 20 फीसदी तक पहुंच गया है। वहीं, गिरिपार के शिलाई क्षेत्र में शिलाई, ग्वाली, पश्चमी, बाली कोटी व गातू योजना का जल स्तर काफी कम हो गया।
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