ददाहू (सिरमौर)। देवताओं की घर वापसी के साथ ही पिछले 6 दिनों से चला आ रहा अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला शुक्रवार को संपन्न हो गया। समारोह के मुख्यातिथि राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने देव पालकियों को कंधा देकर विदा किया। इसके बाद रेणुका पधारे देवता अपने देव स्थलों की ओर प्रस्थान कर गए। प्राकृतिक लोक वाद्य यंत्रों, शंख, घंटियाल व ढोल-नगाड़ों के बीच की गई इस देव विदाई के चलते संपूर्ण रेणुका घाटी भक्तिमय हो उठी।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मेले के सफल आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि रेणुका मेला प्रदेश भर में अपनी अनूठी परंपरा व विशुद्ध देव संस्कृति को कायम रखे हुए है। युवा पीढ़ी को इन आयोजनों से सबक लेकर भगवान परशुराम के आदर्शों व पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। इससे पूर्व रेणु मंच पर छात्रा यशस्विनी अग्रवाल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर मार्मिक कविता पेश कर लोगों का दिल जीत लिया।
नशे से दूर रहें युवा: राज्यपाल
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे का प्रचलन बढ़ रहा है। इससे सचेत रहने की आवश्यकता है। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि 2022 तक प्रदेश को जहर युक्त खेती से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।