भरी बरसात में खरीदकर पानी पी रहे लोग
पेयजल किल्लत से जूझ रहे मोगीनंद के ग्रामीण
औद्योगिक इकाइयों की मांग भी नहीं हो पा रही पूरी
कालाअंब (सिरमौर)। ग्राम पंचायत कालाअंब के तहत आने वाले मोगीनंद क्षेत्र में लगभग एक सप्ताह से पानी की किल्लत चल रही है। भरी बरसात में लोग 200 से 300 रुपये में टैंकर खरीदकर पानी का इंतजाम करने को विवश हैं। मोगीनंद के करीब तीन सौ ग्रामीण पानी को दर-दर भटक रहे हैं। वहीं, औद्योगिक इकाइयों की डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है। इससे औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। ग्राम पंचायत कालाअंब के तहत मोगीनंद में पेयजल संकट गहराने लगा है। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति पर्याप्त न होने से लोगों को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है या फिर टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। मोगीनंद क्षेत्र में करीब तीन सौ स्थानीय ग्रामीणों के परिवार रह रहे हैं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में रह रहे प्रवासी लोगों की कुल आबादी में से लगभग 45 फीसदी लोग भी मोगीनंद क्षेत्र में रह रहे हैं, जिससे मोगीनंद की आबादी में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, आईपीएच विभाग की पेयजल आपूर्ति योजना काफी पुरानी है। इससे इलाके में पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थानीय ग्रामीणों की आबादी में भी पहले की अपेक्षा परिवारों की संख्या 25 फीसदी बढ़ी है। फिलहाल, आईपीएच विभाग के मोगीनंद स्थित बोरवेल से पूरे इलाके में लगभग 5-6 माह से एक दिन के अंतर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है जबकि पहले रोजाना 80 हजार लीटर पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां रोजाना तीन लाख लीटर पानी की जरूरत है। हालात यह हैं कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए हैंडपंपों में से अधिकतर में पानी मटमैला है। इलाकावासी हरीश कुमार, विम, संतोष, संजय व प्रकाश ने बताया कि उनको पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। अमूमन गर्मियों में पानी की कमी होती थी लेकिन इस बार बरसात में भी समस्या विकराल हो रही है। एक दिन बाद लगभग एक घंटे के लिए ही पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे गुजारा नहीं हो रहा। उन्हें मजबूरन टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। उधर, आईपीएच के सहायक अभियंता आशीष राणा ने बताया कि पेयजल आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को जल्द दूर किया जाएगा।