नौहराधार / संगड़ाह (सिरमौर)। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने रेणुका क्षेत्र में भारी कहर बरपाया है। बारिश के कारण हुए भूस्खलन से नौहराधार व हरिपुधार में कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है। नौहराधार क्षेत्र के देवना थनगा उच्च पाठशाला के पीछे की सुरक्षा दीवार ढह गई है। सुरक्षा दीवार गिरने से स्कूल भवन को खतरा बना हुआ है।
वहीं, सैरतंदूला में भी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के आगे की सुरक्षा दीवार गिर गई। पलाहां गांव में गुग्गापीर माड़ी की सुरक्षा दीवार ढहने से मंदिर के गिरने की आशंका बन गई है। उधर, हरिपुरधार बाजार में दो मकानों पर भूस्खलन से सारा मलबा छत पर गिर गया। इससे आधा दर्जन मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। हरिपुरधार के मनसा राम व सुरेश तोमर के मकान पर भी भारी मलबा गिर गया। मनसा राम के मकान के पीछे नए मकान का निर्माण कर रहे प्रताप शर्मा के मकान के 6 पिल्लर और सेफ्टी टैंक ढह गए। भूस्खलन के कारण राजेश कुमार के तीन मंजिला व रामदेई देवी के चार मंजिला मकान के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन से प्रताप शर्मा का लगभग दो लाख का नुकसान हुआ है। जबकि मनसाराम का 6 लाख से अधिक नुकसान हुआ है। मनसाराम ने बताया कि उन्होंने मकान बनाने के लिए ग्रामीण बैंक से 15 लाख का ऋण लिया है। मकान के निर्माण कार्य पर साढ़े दस लाख से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। मकान के गिरने के खतरे को देखते हुए रामदेई देवी ने मकान को खाली कर दिया है। राजेश भी मकान को खाली करके अपने परिवार को अन्य जगह शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गया है। भारी बारिश के चलते क्षेत्र में विभिन्न इलाकों में भारी से नुकसान हुआ है। भूस्खलन की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार हरिपुरधार दिनेश शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि राजेश कुमार व रामदेई देवी के मकान के आगे भूस्खलन होने से मनसा राम और सुरेश कुमार के मकान दब गए हैं। उन्होंने बताया कि डैमेज रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है।
रियासतकाल में तैयार पीजी कॉलेज नाहन के छात्रावास का अगला हिस्सा बारिश से ढह गया है। छत के साथ वाली दीवारें ढहने से लगातार खतरा बना हुआ है। दीवार से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। दूसरी दीवारों को भी इससे खतरा बना हुआ है।