शिलाई (सिरमौर)। उपमंडल शिलाई में तीन नाबालिगों के गर्भवती होने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस मामले में उपायुक्त ललित जैन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।
गौरतलब है कि शिलाई क्षेत्र की तीन नाबालिग गर्भवती होने का मामला सामने आया है। मामला चाइल्ड हेल्पलाइन के संज्ञान में आने के बाद तीनों नाबालिग बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश की गई थीं। लेकिन, पुलिस विभाग ने इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है जबकि बाल कल्याण समिति ने शिलाई थाना में इसकी डीडी एंट्री करवाई थी। सवाल यह है कि पुलिस ने कार्रवाई कार्यवाही क्यों नहीं की? यह मामला बाल विवाह से जुड़ा है या नहीं। इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। तीनों नाबालिग उनके परिजनों के हवाले कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि अलग-अलग गांवों की यह नाबालिग लड़कियां एक ही गांव में रह रही थीं। जब चाइल्ड लाइन की टीम वहां पहुंची तो पूछताछ में उन्होंने मेहमानबाजी में आने की बात कही। लड़कियों में एक 15 वर्ष की तो दो की उम्र 17-17 साल है। सीडब्लूसी की चेयरमैन विजय श्री गौतम ने बताया कि उन्होंने पांच जुलाई को यह मामला पुलिस के संज्ञान में लाया था। जबकि, एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उस दौरान यह मामला क्लीयर नहीं था। उन्होंने आज ही मामले की जांच के लिए एसएचओ को आदेश दिए हैं।
कार्यकारी बाल विकास परियोजना अधिकारी शिलाई रूपेश कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन तीनों किशोरियों के घर गई थी। पूछताछ करने पर इनकी उम्र 19-19 वर्ष बताई गई। जब उम्र का प्रमाण पत्र मांगा गया तो उनके पास कोई प्रमाण नहीं मिला। विभाग ने जब इनके प्रमाण जुटाए तो यह नाबालिग निकलीं। तीनों गर्भवती हैं। मामले में कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि मामला गंभीर है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।