अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
चाइल्ड लाइन सिरमौर ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र की कोटीबौंच पंचायत के शिल्ली गांव में एक बाल विवाह रुकवाया। हालांकि, झीर गांव की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने एक दिन पहले ही श्रीक्यारी पंचायत के शिल्ली गांव के एक 20 वर्षीय एक लड़के से शादी कर ली थी लेकिन समय रहते इसकी भनक चाइल्ड लाइन सिरमौर को लग गई। रविवार को चाइल्ड लाइन की टीम शिल्ली गांव पहुंची। इस दौरान चाइल्ड लाइन की सदस्य विनीता ठाकुर, रामलाल व ऊषा ने नाबालिगों के परिजनों से काउंसलिंग की। काउंसलिंग के दौरान परिजनों को समझाया गया कि शादी के लिए बालिग होना जरूरी है। इसके लिए लड़की की आयु कम से कम 18 साल व लड़के की 21 साल होनी चाहिए। लिहाजा, दोनों पक्षों के परिजनों ने इस बात को स्वीकार कर लिया। इसके बाद लड़की को वापस उसके परिजनों को सौंप दिया।
दोनों पक्षों ने बालिग होने पर ही शादी करने के लिए अपनी हामी भरी। काउंसलिंग के दौरान यह भी पता चला कि एससी परिवार से संबंध रखने वाले दोनों पक्षों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि शादी के लिए बालिग होना जरूरी है।
उधर, चाइल्ड लाइन की सदस्य विनीता ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम झीर व शिल्ली गांव पहुंची जहां बाल विवाह को रुकवा दिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों परिवार एससी जाति से संबंध रखते हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों पक्षों को बाल विवाह अधिनियम के बारे में जानकारी नहीं थी। लिहाजा, चाइल्ड लाइन ने परिजनों की काउंसलिंग करवाकर नाबालिग लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया।