शिलाई (सिरमौर)। उपममंडल शिलाई के एक दर्जन गांव में पिछले तीन दिन से अंधेरा छाया है। न केवल ग्रामीण अंधेरे में रातें काटने को मजबूर हैं बल्कि, बिना बिजली के पेयजल संकट भी गहरा गया है। ऐसे में ग्रामीणों के समक्ष बिजली के साथ-साथ पानी की समस्या भी खड़ी हो गई है। उधर, बिजली बोर्ड के कर्मी फाल्ट को ढूंढने में लगे हैं, लेकिन अभी तक फाल्ट नहीं मिल पाया है।
जानकारी के अनुसार शिलाई, पंदयाट, अछोटी, धनाणा, सुजुई, छातीयो, नाया, टिक्कर, पाब, मानल, केलात, धकोली, जजरमा व सियारली सहित 14 गांवों में बिजली का संकट गहरा गया है। इतना ही नहीं, नेड़ा खड्ड से शिलाई उठाऊ पेयजल योजना भी बिजली न होने से बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने कई बार विद्युत उपमंडल शिलाई को इसकी शिकायत की है लेकिन 72 घंटे से अधिक समय बाद भी विद्युत बोर्ड समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। इससे बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली के प्रति लोगों में रोष बढ़ रहा है। स्थानीय भवान सिंह, लायकराम, सुंदर सिंह, तोता राम, कुंदन सिंह, रतीराम, भगवंत नेगी, सुखराम, अमर सिंह, अतर सिंह, शुपाराम, जालम सिंह, कंवर सिंह, तोताराम और कल्याण सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पिछले तीन दिन से बिजली नहीं है। बिजली से चलने वाले सभी उपकरण बंद पड़े हैं। यहां तक कि मोबाइल बिना चार्जिंग के शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों का आपस में संपर्क भी टूट गया है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वहीं, उठाऊ पेयजल योजना भी बिना बिजली के बंद हो गई है। लिहाजा, ग्रामीणों के समक्ष चौतरफा दुश्वारियां बढ़ रही हैं। उधर, कनिष्ठ अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी पेट्रोलिंग में लगे हैं। अभी फाल्ट का पता नहीं चल पाया है। एक बार 15 मिनट के लिए बिजली होल्ड भी हुई थी लेकिन अचानक गुल हो गई। जल्द समस्या का समाधान कर बिजली बहाल की जाएगी।