नारग कॉलेज में स्टाफ न होने से लटके ताले
प्रवेश ले चुके विद्यार्थी घर में बैठने को मजबूर
कुछ छात्रों ने करवाई माइग्रेशन, अभिभावकों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नारग कॉलेज में प्रवेश ले चुके छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। कॉलेज में अभी तक एक भी कक्षा संचालित नहीं हो सकी है। इस कॉलेज में 33 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। लेकिन, प्राध्यापकों के अभाव में इन्हें अभी तक पढ़ाया नहीं जा सका है। आलम यह है कि कॉलेज में ताले लटके हुए हैं। छात्र कॉलेज छोड़ने को विवश हैं।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने यह कॉलेज खोला था। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका शुभारंभ कर कक्षाओं के लिए दो कमरों की भी व्यवस्था की थी। बाद में नारग स्कूल के तीन कमरे भी कॉलेज को दिए गए। इस वर्ष इस कॉलेज में 33 छात्र-छात्राओं ने यह सोचकर दाखिला लिया कि वे अपने गृह क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल कर पाएंगे। लेकिन, उन्हें क्या पता था कि उनका भविष्य ही अधर में लटक जाएगा। कॉलेज में प्राध्यापक नहीं हैं, जिस कारण यहां कक्षाएं तक संचालित नहीं हो पाई हैं। थक हार कर कॉलेज में प्रवेश ले चुके पांच छात्रों ने अपना माइग्रेशन सोलन कॉलेज में करवा लिया है। जबकि बाकी के छात्र घर बैठने को विवश हो गए हैं।
गौरतलब है कि कॉलेज में स्टाफ न होने को लेकर क्षेत्र के अभिभावक, कांग्रेस मंडल पच्छाद के साथ मिलकर अनशन तक कर चुके हैं। इसके बाद भी सरकार की ओर से इस कॉलेज की सुध नहीं ली जा रही है। अभिभावक सत्येंद्र ठाकुर, अजय ठाकुर, बल सिंह, जगदीश, बृजमोहन, रमेश कुमार, काकाराम, मस्तराम ने बताया कि जब क्षेत्र में कॉलेज खुला था तो उनके चेहरे खिल उठे थे। आर्थिक तंगी के कारण वे अपने बच्चों को बाहर कॉलेज में न भिजवा पाने को विवश थे। सोचा था घर द्वार बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर पाएंगे लेकिन, हालात तो और भी बदतर हो गए हैं। वहीं कॉलेज में दाखिला ले चुकी शिवानी, शानू, मोनिका, रितिका, विक्रम सिंह ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई नहीं हो रही है, जिससे वे मजबूरी में घर बैठने को विवश हैं।
क्षेत्र के पूर्व विधायक गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए इस कॉलेज को खोला था। इस कॉलेज में उन बच्चों ने दाखिला लिया है, जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सरकार को यहां स्टाफ की जल्द नियुक्ति करनी चाहिए।
क्षेत्र के विधायक सुरेश कश्यप ने कहा कि लोगों और छात्रों की भलाई के मद्देनजर इस मुद्दे को विस सत्र में सरकार के समक्ष रखा जाएगा, जिससे सरकार जल्द कॉलेज में स्टाफ प्रदान कर विद्यार्थियों को राहत दे।