खतरे के निशान तक पहुंचा यमुना नदी का जलस्तर।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में पिछले चार दिन से जमकर बारिश हो रही है। इसके चलते तीन डैमों का पानी छोड़ा जा रहा है। इससे यमुना का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। 24 जुलाई को केवल 381.600 से शनिवार को जल स्तर 382.200 मी. तक पहुंच गया है। शनिवार को यमुना नदी उफान पर पहुंच गई है। पांवटा के यमुनाघाट मंदिर के बरामदे तक पानी पहुंच रहा है। अगर बारिश जारी रही तो नदियों का उफान भारी क्षति पहुंचा सकता है। पहले ही तीनों नदियों से बरसात में भूमि कटाव समेत क्षति का खतरा बना रहता है। कौट इच्छाड़ी, डाकपत्थर तथा गिरि नदी पर बने जटौन डैम से पानी छोड़ा गया है। यमुना में पानी छोड़े जाने से शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग का पांवटा में कार्यालय है, जो निरंतर बढ़ते जल स्तर पर निगाह रखे हुए है। यमुना नदी की सहायक नदियों बाता नदी, टौंस और गिरि नदी का जल स्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है।
बढ़ते जल स्तर के चलते अलर्ट जारी : एसडीएम
एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा और कार्यकारी तहसीलदार पांवटा निहालचंद कश्यप ने कहा कि बढ़ते जल स्तर के चलते अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसमें नदी-नालों में नहीं उतरने, मवेशियों और वाहनों को भी नदी में नहीं उतारने को कहा गया है। इसके लिए क्षेत्र में लाउड स्पीकरों से भी सचेत किया जा रहा है।