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लापता बच्ची की तलाश में खंगाला जंगल, नहीं लगा सुराग

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चूड़धार के जंगलों में लापता श्रूमि को ढूढूने पहुंचे लोग व पुलिस, होमगार्ड के जवान। - फोटो : अमर उजाला
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संगड़ाह/नौहराधार (सिरमौर)। चूड़धार यात्रा पर निकले चौपाल के नागन गांव की पांच साल की श्रुति को तलाशने के लिए सिरमौर प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया है। पुलिस, होमगार्ड और वन विभाग के कर्मचारियों समेत करीब चार सौ लोगों ने चूड़धार का चप्पा-चप्पा खंगाला लेकिन, अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। शिमला के चौपाल और नौहराधार क्षेत्र से सैकड़ों लोग बच्ची की तलाश में चूड़धार की ओर निकले हैं। प्रशासन ने बच्ची की तलाश के लिए शिमला से खोजी कुत्ते भी मंगवाए हैं। बुधवार को बच्ची की तलाश के लिए खोजी कुत्तों की सहायता ली जाएगी।
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गौरतलब है कि चौपाल क्षेत्र के पुलबाहल के नागन गांव निवासी गुरदयाल सिंह अपनी पांच वर्षीय बच्ची श्रुति और अन्य परिजनों और रिश्तेदारों के साथ चूड़धार की यात्रा पर आए थे। सोमवार को वापस लौटते वक्त श्रुति तीसरी नामक स्थान पर धुंध की वजह से अचानक उनसे बिछुड़ गई। सोमवार से ही बच्ची की तलाश शुरू की गई। मंगलवार को एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान ने स्वयं सर्च ऑपरेशन की कमान संभाली। नौहराधार, संगड़ाह और कुपवी से पुलिस की टीमें बच्ची की तलाश में चूड़धार की पहाड़ियों को खंगाल रही है। इसके अलावा होमगार्ड, वन विभाग और वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों की भी अलग-अलग टीमें जंगलों को भेजी गई है। वहीं, नागन, नौहराधार और संगड़ाह क्षेत्र के स्थानीय लोग भी बच्ची की तलाश कर रहे हैं लेकिन, अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। एसडीएम ने बताया कि दो मेडिकल के कर्मचारी भी किट लेकर जंगल में गए हैं। भारी बारिश के बावजूद दिनभर सर्च ऑपरेशन चला लेकिन, उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। बुधवार को खोजी कुत्तों की सहायता से तलाश की जाएगी। उधर, डीएसपी संगड़ाह अनिल धोलटा ने बताया कि पुलिस की टीम पिछले 24 घंटे से बच्ची की तलाश कर रही है।
रास्ता भटकीं दो महिलाएं, गुज्जरों के ढेरे में बिताई रात
नौहराधार (सिरमौर)। सोमवार को चूड़धार गए गहल डिमाइना के लोगों के एक दल में दो महिलाएं अचानक रास्ता भटक गईं। जानकारी अनुसार कमला देवी और चंपा देवी अपने रिश्तेदारों के साथ रविवार को चूड़धार गई थीं। सोमवार को जब वे वापस लौट रहे थे तो अत्यधिक धुंध के कारण वे दोनों रास्ता भटक गईं। दोनों शमोगा के जंगल की ओर निकल गईं। रात को घुमंतु गुज्जरों के डेरे में उन्होंने राज गुजारी। रिश्तेदार दोनों को जंगल में ढूंढते रहे। हालांकि, मंगलवार सुबह दोनों महिलाएं स्वयं ही नौहराधार पहुंच गईं।
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