अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। परिवहन निगम से सेवानिवृत्त कर्मियों को नियमित पेंशन न दिए जाने पर जिला सिरमौर पेंशनर एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने गहरी आपत्ति जाहिर की है। संघ की नाहन इकाई की एक बैठक हिंदू आश्रम नाहन में हुई जिसकी अध्यक्षता प्रधान रामस्वरूप चौहान ने की। इस दौरान सदस्यों ने परिवहन निगम के पेंशनरों को पेंशन दो से तीन माह बाद दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की।
संघ ने कहाकि यह कर्मियों का शोषण है। सरकार को पेंशनरों को नियमित पेंशन देनी चाहिए। प्रधान राम स्वरूप चौहान ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के उन निर्देशों जिसमें सरकार को 1 जनवरी 2006 से पेंशनरों की विसंगतियां दूर करने की बात कही थी जिसे अभी तक लागू नहीं किया है। यह सरासर माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। सरकार को इसकी अविलंब अनुपालना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगम के पेंशनरों को 2015 से एरियर भी नहीं दिया गया है। जबकि कुछ विभागों में पेंशनरों के मेडिकल बिल कई सालों से लंबित पड़े हैं। हैरत की बात यह है कि आईपीएच विभाग में पेंशनरों के वर्ष 2013 तक के मेडिकल बिल लंबित हैं। जबकि दूसरी ओर लोनिवि में मार्च 2018 तक के सभी बिलों का भुगतान कर दिया गया है। सरकार को चाहिए कि वह सभी के लिए बराबर राशि जारी करे।
बैठक में उपस्थित रामस्वरूप चौहान, अशोक विक्रम, ओम प्रकाश सरीन, इंद्रजीत शर्मा, कपिल गौतम, पुष्पा, नरेश विक्रम, रवि दत्त शर्मा, राजेश पुंडीर, राज कुमार, धनवीर सिंह, अनिल ठाकुर आदि ने डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में आधारभूत सुविधाएं न होने पर गहरी चिंता प्रकट की।
उन्होंने कहा कि यह नाम का ही मेडिकल कॉलेज बनकर रह गया है। यहां आवश्यक मशीनें तक नहीं है। स्टाफ की भी भरी कमी है। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को 8 से 10 दिन के बाद की तिथि दी जा रही है। डायलिसिस की मशीन आज तक नहीं लग पाई जिससे लोगों को सही रूप में इलाज नहीं मिल रहा है। सदस्यों ने सरकार से मांग की कि मेडिकल कॉलेज नाहन की सभी खामियों को अविलंब दूर किया जाए। रोगियों को बेहतर सुविधा देने का इंतजाम किया जाए। बैठक में चार दर्जन से अधिक सदस्य उपस्थित रहे।