अमर उजाला ब्यूरो
सतौन (सिरमौर)।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चांदनी के परीक्षा अधीक्षक को नकल रोकने की एवज में पीटने के मामले में नया मोड़ आ गया है। कथित तौर पर पीटने वाले बलिया राम ने पुलिस अधीक्षक पर ही संगीन आरोप लगाए हैं। इसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। उधर, स्कूल की एसएमसी ने भी नकल को लेकर अपना रुख साफ किया है। एसएमसी का कहना है कि मारपीट के इस मामले से स्कूल में चल रही परीक्षा का कोई लेना देना नहीं है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चांदनी स्कूल में कार्यरत परीक्षा अधीक्षक इंद्रजीत के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। परीक्षा अधीक्षक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि स्कूल में नकल रोकने को लेकर उन्होंने सख्ती की तो अभिभावकों और बच्चों ने उनके साथ पिटाई कर दी। इंद्रजीत ने गांव के जगिया राम पर मारपीट के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
जगिया राम ने पुलिस को ऑनलाइन शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि शिक्षक इंद्रजीत उनके घर आया और उसकी पत्नी के साथ बदतमीजी करने लगा। इसका जब उसने विरोध किया तो उसने उसके साथ मारपीट कर दी। उसने यह भी आरोप लगाया है कि शिक्षक उस दौरान नशे में था। जहां तक नकल रोकने के आरोप हैं तो उनका कोई भी बेटा चांदनी स्कूल में नहीं पढ़ता है। उधर, स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान सोहन सिंह, सचिव एवं प्रधानाचार्य ज्ञान चंद शर्मा ने कहा है कि इस मारपीट में स्कूल को कोई लेना देना नहीं है। यहां जारी बयान में एसएमसी ने दावा किया है कि स्कूल में परीक्षा सुचारु रूप से चल रही है। किसी भी अभिभावक ने नकल करवाने का दबाव नहीं बनाया है। जिस व्यक्ति पर मारपीट के आरोप लगे हैं उसका कोई बेटा या बेटी स्कूल में शिक्षारत नहीं है।
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि जगिया राम ने शिकायत दी है। पुलिस तमाम पहलुओं को मद्देनजर रखते हुए कार्रवाई कर रही है।