अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका जी तीर्थ की परिक्रमा मार्ग की हालत खस्ता होने के कारण यहां चल रहे दोनों बैटरी वाहन खराब हो गए हैं, जिसके चलते इन दोनों बैटरी वाहनों को बंद रखा गया है। वाहन न चलने के कारण पर्यटकों व श्रद्धालुओं को रेणुका झील की परिक्रमा करने तथा जू को निहारने के लिए पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।
वन्य प्राणी विभाग की ओर से संचालित दोनों बैटरी वाहनों में एक-एक वाहन को डेढ़ वर्ष पूर्व ही रेणुका लाया गया था। जबकि दूसरा बैटरी वाहन अप्रैल 2017 में मंगवाया गया था लेकिन दोनों ही वाहन खस्ताहाल मार्ग को नहीं झेल पाए। इस कारण इन दिनों एक वाहन का पट्टा तथा दूसरे का एकसल टूट गया है। ऐसे में इन दोनों बैटरी वाहनों के एक साथ खराब हो जाने से जहां पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं वन्य प्राणी विभाग को घाटा भी उठाना पड़ रहा है।
जानकारों की माने तो बैटरी वाहन खस्ताहाल पड़े मार्ग को झेल नहीं पाए। यही वजह है कि एक से डेढ़ वर्ष के दौरान इन वाहनों की कई-कई बार मरम्मत करवाई गई। जबकि इन बैटरी संचालित वाहनों पर करीब पौने 11 लाख रुपये की राशि खर्च हुई थी।
उधर, वन्य प्राणी विहार रेणुका के आरओ अश्वनी कुमार ने बताया कि दोनों बैटरी वाहनों में तकनीकी खराबी आ गई है जिस कारण उन्हें बंद रखा गया है। इसे ठीक करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है। एक सप्ताह के भीतर इन्हें ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन किमी लंबे परिक्रमा मार्ग की दशा सुधारने के लिए लोनिवि से प्राक्कलन तैयार करवाया गया है। प्राक्कलन बनते ही इसे मंजूरी के लिए विभाग को भेज दिया जाएगा।