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भयंकर सूखे से सिरमौर की 80 फीसदी फसलें तबाह

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farmer shimla
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संजय भारद्वाज
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नाहन (सिरमौर)।
गेहूं, अदरक, प्याज, लहसुन समेत आड़ू की फसल के लिए मशहूर सिरमौर जिला इस साल भयंकर सूखे की चपेट में है। मौसम की बेरुखी से सिरमौर का करोड़ों रुपये का कृषि-बागवानी से संबंधित कारोबार चौपट हो गया है। पूरे जिले में गेहूं, जौ, दलहनी और लहसुन की खेती को 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जबकि सेब, खुमानी, आड़ू आदि फलों की फसल पर इसका साफ असर देखने को मिल रहा है। चिलिंग आवर्स पूरे नहीं होने से इस बार सेब की पैदावार में कमी होने की आशंका है।
जिले में लगभग पांच महीने से बारिश नहीं हुई। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार सिरमौर जिले में 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा गया था, मगर सूखे के कारण केवल 23 हजार हेक्टेयर भूमि में ही गेहूं की बिजाई हो सकी। कृषि विभाग द्वारा गेहूं के अलावा जौ, चना, मटर, प्याज, टमाटर आदि का बीज भी किसानों को वितरित किया गया है लेकिन बारिश नहीं होने के कारण किसान बिजाई नहीं कर पाए। पूरे जिले में सूखे की वजह से फसलों को 80 फीसदी नुकसान हुआ है।
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जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को इसकी रिपोर्ट भेज दी है। गेहूं को 32 करोड़, जौ को 1.87 करोड़, दलहनी फसलों को 1.83 करोड़, सब्जियों को 2.36 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा बागवानी को भी करोड़ों की क्षति होने की आशंका है।
उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि कृषि और बागवानी विभागों से मिली रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित कर दी गई है। सूखे से लगभग 80 फीसदी फसलें तबाह हुई हैं।
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गर्मियों में रहेगा पेयजल संकट, सूखने लगे स्रोत
सूखे का सीधा असर पेयजल योजना पर भी देखने को मिल रहा है। जिले के कई गांवों में अभी से पानी की समस्या शुरू हो गई है। ऐसे में गर्मियों में पेयजल स्रोत सूखने से पेयजल समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है। लिहाजा, आईपीएच विभाग को इस बार खूब पसीना बहाना होगा।
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बिजाई नहीं कर पाए सैकड़ों किसान
सूखे की वजह से सैकड़ों किसान बिजाई नहीं कर पाए। कृषि विभाग के अनुसार सूखे की वजह से पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई। 1200 हेक्टेयर में जौ, तीन हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलों की बिजाई का कार्य रुक गया।
 
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