नाहन (सिरमौर)।
विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान से पहले शह और मात के खेल के बाद अब राजनीतिक दलों के कर्ताधर्ता हार-जीत के गणित के फेर में फंस गए हैं। फ्लां बूथ से हमारी लीड पक्की..., फ्लां बूथ पर हम कमजोर... बगैरहा, बगैरहा। अटकलों और कयासों के बीच नेता और कार्यकर्ता अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। हालांकि, हार जीत की असली स्थिति का पता 18 दिसंबर को घोषित होने वाले चुनाव परिणाम के बाद ही चल सकेगा। बहरहाल, हार जीत को लेकर चर्चाएं जोरों पर है।
सिरमौर जिले की कुल पांच विधानसभा सीटों पर इस बार कांटे की टक्कर हुई है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो किसी भी सीट पर किसी एक राजनीतिक दल की जीत सुनिश्चित बताना आसान नहीं है। हर सीट पर कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर हुई है। नाहन विधानसभा क्षेत्र को लें तो यहां पर भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. राजीव बिंदल के मैदान में होने से मुकाबला एकतरफा माना जा रहा था लेकिन कांग्रेस ने नए चेहरे अजय सोलंकी पर दांव खेलकर सबको चौंका दिया।
सोलंकी की कड़ी टक्कर के चलते डॉ. बिंदल को भी अधिक मेहनत करनी पड़ी है। जबकि शिलाई, पांवटा और पच्छाद में कांग्रेस भाजपा के बीच सीधी टक्कर है। रेणुका में भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे ह्दय राम ने मुकाबले को तिकोना बनाने का प्रयास किया है। हालांकि, मुकाबले को तिकोना बनाने में वह कितना सफल होते हैं यह चुनाव नतीजे बताएंगे। बहरहाल, पांच विधानसभा क्षेत्रों में हार जीत को लेकर भाजपा और कांग्रेस मंथन में जुटे हुए हैं। दोनों दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
पच्छाद को ही लें तो यहां मंगलवार को कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की मंथन बैठकें हुईं। राजगढ़ में हुई बैठक में भाजपा ने अपनी जीत का दावा किया तो सराहां में कांग्रेस ने बैठक कर फीडबैक लिया। इसके बाद कांग्रेस ने भी अपनी जीत का दावा किया है। जिला स्तर पर भी यहीं स्थिति है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की पांचों सीटों पर अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित बता रहे हैं। बहरहाल, सबको चुनाव नतीजे घोषित होने का बेसब्री से इंतजार है।