अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बीमारी से परेशान चल रही एक युवती मंगलवार दोपहर बाता नदी में कूद गई। लेकिन वहां पर कार्य कर रहे कर्मियों, मछुआरों और ग्रामीणों ने युवती को नदी के तेज बहाव से बाहर निकालकर बचा लिया। घायल को सिविल अस्पताल पांवटा में दाखिल करवाया गया है। घायल लड़की की रीढ़ की हड्डी में चोट बताई जा रही है। पांवटा पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पांवटा क्षेत्र के गांव किशनपुरा निवासी एक युवती कुछ अरसे से अस्वस्थ चल रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर को वह अपनी बहन के साथ एक व्यक्ति के पास झाड़फूंक के लिए गई थी। वापस लौटते वक्त युवती बातापुल के समीप रुकी। इस दौरान उसने अपनी बहन से कहा कि हाथ में बंधा एक धागा नदी में फेंकने जा रही हूं। पुल के समीप पहुंचते ही उसने अचानक बाता नदी में छलांग लगा दी। अचानक हुई वारदात से बहन घबरा कर जोर-जोर से चिल्लाने लगी। गनीमत यह रही कि बाता नदी में कुछ लोग मछली पकड़ रहे थे। निर्माणाधीन बाता पुल का काम कर रहे मजदूरों, आसपास के ग्रामीणों तथा फायर ब्रिगेड की सहायता से लड़की को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पांवटा अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एवी राघव ने कहा कि लड़की की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर है। घायल को नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि लड़की निर्धन परिवार से है। वह पिछले कुछ अरसे से बीमार चल रही है। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी से परेशान होकर ही उसने आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि युवती ने बातानदी पुल से पानी में छंलाग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। घायल युवती को सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया गया है।