सराहां मेले की सांस्कृतिक संध्या में कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
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सराहां (सिरमौर)। राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। पहली सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों की फौज खड़ी कर दी गई। जबकि, समय बहुत कम दिया गया। इस वजह से कलाकार मंच पर कब आए और कब चले गए, इसका पता ही नहीं चला। इसकी नाराजगी दर्शकों में साफ देखी गई।
सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी कलाकार काकू चौहान और रीना ठाकुर ही तीन से चार गाने गा पाए। शेष सभी कलाकार आया राम, गया राम की स्थिति में रहे। बताया जा रहा है कि पहली सांस्कृतिक संध्या में 60 कलाकारों और ग्रुपों को बुलाया गया था जबकि समय इतना था ही नहीं। ऊपर से बारिश ने भी मजा किरकिरा कर दिया। ऐसे में यहां कलाकारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसे देखकर दर्शक भी उखड़े-उखड़े नजर आए। बहरहाल पहली सांस्कृतिक संध्या में चूड़ेश्वर कला मंच के कलाकारों ने दीपक नृत्य प्रदेश किया। उसके बाद सांस्कृतिक कला मंच राजगढ़ ने अपनी प्रस्तुति दी। कलाकार राजपाल ठाकुर, राजू और नितिका ने पीरो रे मोडें रे बेलो, तेरा बुरा लागेरा.., तेरे मुंह द तिला हाय रे बेसो सुबेधा.., आंखटी मलाई जा भांवता लाये जा.., गीत प्रस्तुत किए।
कल्पना तोमर ने होले पीढ़ो रे मारे.., पर शानदार लोकनृत्य प्रस्तुत किया। विवेक मशवान ने भी अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। स्टार कलाकार सुरेश शर्मा ने भाभी री सालिए तू.., फोग चल रहा है भाई जी फोग चल रहा है.., गीत पेश किया। रीना और विनय ठाकुर ने ठंडे पानी आगे मजनूं बेसुरे.., बुरा ना मानना मेरी बातों का.., हो इंदिरा ओरा करी तू प्यार व झूठा किया वायदा..., गाने प्रस्तुत किए। इन पर दर्शकों ने भी नृत्य किया। स्टार कलाकार काकू चौहान ने स्टेज संभालते ही नाटियां पेशकर जमकर धमाल मचाया। इस अवसर पर एसडीएम नरेश शर्मा, तहसीलदार गुरमीत नेगी सहित गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।