सरकार उपप्रधानों से कर रही सौतेला व्यवहार : सैनी
महिला प्रधान के पति की विकास में दखलंदाजी का विरोध
उपप्रधान संघ की बैठक में विभिन्न मांगों पर की गई चर्चा
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपप्रधान शक्ति संगठन पांवटा इकाई ने महिला प्रधान के पतियों की दखलंदाजी पर कड़ा रोष प्रकट किया है। वहीं, प्रदेश सरकार पर उपप्रधानों के साथ सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को पांवटा विश्राम गृह में उपप्रधान शक्ति संगठन की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता संगठन पांवटा ब्लॉक इकाई अध्यक्ष सुरेश सैनी ने की।
बैठक में उपाध्यक्ष सुरेंद्र सैनी, कोषाध्यक्ष विनय कुमार, मीडिया सलाहकार पृथ्वी चंद, यशपाल, ओमप्रकाश, रमेश चंद, रामलाल, जालम सिंह, प्रताप सिंह, राजिंद्र कुमार, हरबंस लाल, गुलशन समेत उपप्रधानों ने कहा कि उपप्रधानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वर्ष 2006 में प्रधान और उप प्रधानों के मानदेय में केवल दो सौ रुपये का अंतर था। वर्ष 2011 में केवल 400 रुपये का अंतर रहा। वर्तमान सरकार ने 2018 में सीधा 1800 रुपये का अंतर डाल दिया है। इस पर उपप्रधान संगठन ने नाराजगी जताई है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि जिन पंचायत में महिला प्रधान बनी हैं, ऐसी कुछ पंचायत में प्रधान के पति विकास कार्यों में दखलंदाजी कर रहे हैं, जिसका पुरजोर विरोध होगा। उपप्रधान संगठन ऐसा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा। इसके बारे में विकास खंड अधिकारी पांवटा से भी आग्रह किया गया है।