अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के चारों टोल बैरियर 18 करोड़ 34 लाख रुपये में नीलाम हो गए। आरक्षित मूल्य की तुलना में विभाग ने बैरियरों की नीलामी प्रक्रिया से इस बार 6 करोड़ 14 लाख 91 हजार 500 रुपये अधिक कमाई की। शुक्रवार को नाहन में आयोजित नीलामी प्रक्रिया उपायुक्त सिरमौर ललित जैन की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
प्रदेश सरकार की ओर से 2018-19 में राज्य में पंजीकृत एलएमवी वाहनों को टोल से छूट दी गई है। लिहाजा 2017-18 के 17 करोड़ 41 लाख 55 हजार रुपये के राजस्व की तुलना में 2018-19 के लिए 12 करोड़ 19 लाख 8 हजार 500 के राजस्व का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया था। लिहाजा साढ़े 5 करोड़ के आसपास के घाटे का अनुमान लगाया गया है।
हालांकि, जिला सिरमौर के चारों टोल टैैक्स बैरियर 50.44 प्रतिशत के इजाफे के साथ 18 करोड़ 34 लाख रुपये में नीलाम हुए, जिसमें कालाअंब, बहराल, गोविंदघाट व मीनस बैरियर शामिल हैं।
कालाअंब बैरियर को यूपी के मेरठ के वर्तमान ठेकेदार रमेश चौहान के पक्ष में नीलाम किया गया। इस बैरियर से विभाग को 6 करोड़ 72 लाख की कमाई हुई। आबकारी एवं कराधान विभाग को इस बैरियर से 27.06 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
इसके अलावा गोविंदघाट बैरियर की नीलामी उत्तर प्रदेश के वर्तमान ठेकेदार विनोद कुमार के पक्ष में आरक्षित मूल्य की तुलना में 76.34 प्रतिशत का इजाफे के साथ 7 करोड़ 11 लाख रुपये में हुई।
बहराल बैरियर भी पांवटा साहिब के रहने वाले मौजूदा ठेकेदार महेंद्र सिंह एंड कंपनी के पक्ष में 59.34 राजस्व बढ़ोतरी के साथ 4 करोड़ 35 लाख रुपये में नीलाम हुआ।
वहीं, उत्तराखंड की सीमा पर स्थित मीनस बैरियर भी आरक्षित मूल्य की तुलना में 14.29 प्रतिशत अधिक दाम पर नीलाम हुआ। बैरियर की नीलामी 16 लाख में हुई है। पिछले साल वर्ष यह बैरियर 20 लाख रुपये में नीलाम हुआ था।
उधर, आबकारी व कराधान विभाग के सहायक आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि छोटे वाहनों को टोल से छूट दी गई है। बावजूद इसके भी विभाग आरक्षित मूल्य की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक राजस्व को बढ़ाने में सफल रहा है जो एक बड़ी बात है।