फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रकों की हड़ताल का किसानों की फसलों पर असर नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
हड़ताल का फसलों पर नहीं असर
विज्ञापन

ट्रकों से प्रतिदिन मंडियों में भेजी जा रही नकदी फसलें
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़/सराहां (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में ट्रकों की हड़ताल का किसानों और बागवानों पर कोई खासा असर नहीं पड़ा है। पिछले कई दिन से सब्जियों का मंडियों तक पहुंचना जारी है। ट्रकों के जरिये ही आढ़ती जिला सिरमौर में नकदी फसलों को बाजार तक पहुंचा रहे हैं। इन दिनों टमाटर, धनिया, मूली, फ्रांसबीन, फूलगोभी और शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलें तैयार हैं। किसान अपनी फसलों को आसानी से आढ़तियों के माध्यम से लगाए गए ट्रकों के जरिये सब्जी मंडियों तक पहुंचाने में लगे हैं। सिरमौर के कई हिस्सों की सब्जियां दिल्ली, देहरादून और गाजियाबाद आदि सब्जी मंडियों में पहुंच रही हैं। पच्छाद, सैनधार व गिरिपार इलाके में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टमाटर शिमला, मिर्च और गोभी इत्यादि फसलें लगाई जाती हैं। हर दिन इस क्षेत्र से करीब दर्जनों गाड़ियां फसलों को सब्जी मंडी तक पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि देशव्यापी ट्रक हड़ताल से उन्हें पहले डर सता रहा था कि कहीं क्षेत्र से जाने वाली नकदी फसलों से लदे ट्रक दूसरे राज्यों में न रोक दिए जाएं। लेकिन अभी तक सभी वाहन सुचारु रूप से सब्जी मंडियों में किसानों की फसलें लेकर जा रहे हैं।
विज्ञापन

राजगढ़ इलाके के सैर निवासी किसान सुरेंद्र तोमर ने बताया कि उनके टमाटर और शिमला मिर्च आदि उत्पाद ट्रक ऑपरेटर उनके घर से नियमित ले जा रहे हैं। सभी नकदी फसलें दिल्ली की सब्जी मंडियों में बिक्री के लिए भेजी जा रही हैं। राणाघाट निवासी जीवन सिंह ने बताया कि उनके कृषि उत्पाद यथावत नियमित मंडियों को जा रहे हैं। थनोगा निवासी अनिल शर्मा का कहना है कि कृषि उत्पादों को यहां के ट्रक ऑपरेटर गांव से पिकअप से राजगढ़ लाते हैं और वहां से बड़े ट्रकों से दिल्ली व चंडीगढ़ की मंडियों में भेजते हैं। आजकल भी ऐसा ही हो रहा है और हड़ताल का असर नहीं पड़ा है। किसान भूपेंद्र भंडारी ने कहा कि वह अपनी फसलों को गाजियाबाद, देहरादून व दिल्ली भेज रहे हैं। यदि ट्रक हड़ताल से क्षेत्र में चलने वाली गाड़ियां भी प्रभावित होतीं तो प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान किसानों को उठाना पड़ता। संजय पाल ठाकुर ने बताया कि वह भी गाजियाबाद और देहरादून की मंडियों में अपना टमाटर और शिमला मिर्च बेच रहे हैं। तारादत्त शर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र से भी नकदी फसलें चंडीगढ़, दिल्ली, गाजियाबाद और देहरादून भेजी जा रही हैं। टमाटर और शिमला मिर्च की फसलें प्रतिदिन मंडी में पहुंच रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें