अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पांवटा साहिब में उपचार नहीं मिलने पर एक प्रवासी परिवार ने खूब हो-हल्ला किया। महिला अस्पताल परिसर के बाहर ही रोने लगी। चिकित्सक ने मरीज को नाहन रेफर क्या किया कि एक महिला और बुजुर्ग बच्चों सहित अस्पताल के बाहर डट गए और हल्ला मचा दिया।
इससे वहां पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
इस हंगामे के बीच चिकित्सक पर गरीब परिवार के मैले कपड़े देखकर उपचार नहीं करने के भी आरोप लगे। मामला सीएमओ तक पहुंचा। सीएमओ ने मध्यस्थता की और अस्पताल प्रशासन को आदेश दिए कि मरीज को दाखिल किया जाए। तब कहीं जाकर मरीज को अस्पताल में दाखिल किया गया।
जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में दो घंटे तक एक बुजुर्ग और महिला प्राथमिक उपचार के लिए तड़पते रहे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले बुजुर्ग की टांग में फ्रेक्चर हुआ था। पहले देहरादून में उपचार हुआ। पांव में रॉड डाली गई है। इसके बाद वह उपचार के लिए सहारनपुर पहुंचे, जहां से शनिवार को पांवटा आ गए। पांव में पस पड़ने के कारण वह उपचार के लिए अस्पताल गए लेकिन वहां पर उनका उपचार नहीं हुआ।
भीड़ के बीच बुजुर्ग के साथ आई महिला ने आरोप लगाया कि उनका उपचार करने से चिकित्सक ने इंकार कर दिया। इसके बाद महिला व एक बुजुर्ग दो घंटे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल के बाहर रोते रहे। महिला के रोने से वहां पर लोगों की भीड़ उमड़ गई। लोगों ने भी अस्पताल प्रबंधन से मामला उठाया। इसके बाद किसी ने सीएमओ को फोन किया। इसके बाद बुजुर्ग को अस्पताल में दाखिल किया गया।
उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके ध्यान में आया उन्होंने चिकित्सक से बात कर उन्हें अस्पताल में दाखिल करवा दिया। उनका उपचार चल रहा है। जहां तक नाहन भेजने की बात है तो आर्थो सर्जन नहीं होने की वजह से उसे रेफर किया जा रहा था। यहां तक कि उसे एंबुलेंस में भी भेजने की बात कही गई थी लेकिन उन्होंने बेवजह हल्ला कर दिया। फिर भी मामले की जांच की जाएगी।