अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। सूबे में भले ही नई सरकार बनने जा रही है लेकिन चुनाव आचार संहिता के दौरान जिला के सरकारी डिपुओं में राशन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नवंबर माह के तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी इन डिपुओं में रिफाइंड, सरसों का तेल व दालें नहीं पहुंच पाई हैं।
इसको लेकर उपभोक्ताओं को आर्थिक चपत लग रही है। जबकि चुनाव से पूर्व सरकार ने इस माह से उपभोक्ताओं को 6 मन पसंद दालें देने का ऐलान किया था। नवंबर माह में उपभोक्ताओं को मात्र एक ही दाल की आपूर्ति की गई है। शेष पांच दालों सहित रिफाइंड व सरसों के तेल से भी उपभोक्ताओं को वंचित कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं को मात्र दाल चना, चीनी, चावल व आटे की ही आपूर्ति की जा रही है। जबकि उपभोक्ता राजमा, उड़द की दाल, काबली चना, मूंग व मसर सहित रिफाइंड व सरसों के तेल से वंचित रह गए हैं।
80 फीसदी से अधिक उपभोक्ताओं को यह वस्तुएं नहीं मिली हैं। जबकि इस माह लोगों को पर्याप्त मात्रा में राशन मिलने की पूरी-पूरी उम्मीदें थीं।
विभाग के ददाहू स्थित थोक भंडारण के अंतर्गत पड़ने वाले सभी 30 डिपुओं में इन वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है जिससे उपभोक्ताओं को इन वस्तुओं को बाजार से खरीदने पर विवश होना पड़ा।
उधर, डीएफएससी प्रताप चौहान ने बताया कि रिफाइंड, तेज व दालों के टेंडर देरी से होने के कारण ही निश्चित समय पर इनकी आपूर्ति नहीं हो सकी है जिस कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। इसी माह के अंत तक दालें व तेल के पहुंचने की पूरी संभावना है। अगले माह तक इन दालों की आपूर्ति को सुनिश्चित कर दिया जाएगा।