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सिरमौर की बंद पड़ी 12 माइनें खुलने का रास्ता साफ

Tue, 24 Nov 2015 10:30 PM IST
पंकेश शर्मा /अमर उजाला, सतौन (सिरमौर)
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जिले में बंद पड़ी चूना पत्थर की खानों पर अब कार्य सूचारू रूप से चलेगा। कमरऊ, बनौर व रेणुका में पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल से कम वाली 12 माइनें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दायरे से बाहर हो गई हैं। इन खानों को तब तक पर्यावरण क्लीयरेंस प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है जब तक उनका लीज पीरियड बाकी रहेगा। क्षेत्र में खानों के दोबारा शुरू होने से सैकड़ों ग्रामीणों को रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा और ट्रक ट्रांसपोर्टरों को माल ढुलाई भी सुचारु हो जाएगी। खनन विभाग ने बंद पड़ीं 12 खानों को कार्य करने के लिए मंगलवार को एम-फार्म जारी कर दिए हैं। अब जिले में चूना पत्थर की खानों पर 2017-2018 तक कार्य बिना रुके चलेगा। हालांकि नदी नालों पर एनजीटी के अनुसार सभी को पर्यावरण क्लीयरेंस लेना जरूरी है उन्हें इस दायरे से बाहर नहीं रखा गया है। खाने चालू होने से एक बार फिर क्षेत्र में रोजगार घरद्वार पर ही मिलेंगे।
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पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं होने पर खानें कर दी थीं बंद
विदित रहे कि जनवरी 2015 में एनजीटी ने विभाग को आदेश जारी किए थे कि 12 जुलाई के बाद से उन सभी माइनों पर कार्य बंद किया जाए जिनके पास पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयेंस प्रमाण पत्र नहीं हैं। 12 जुलाई को जिले की 14 खानों में से 12 खानें बंद हो गई थीं। मात्र 2 खानों पर ही कार्य चलता रहा था। उसके बाद मंत्रालय ने बंद 12 खानों को दो महीने की राहत देते हुए 24 अगस्त से 24 अक्तूबर तक कार्य करने की अनुमति प्रदान की थी। लेकिन फिर से अनुमति पीरियड समाप्त होते ही 24 अक्तूबर के बाद से जिले में फिर से 2 खानों पर ही कार्य चालू रहा है। 12 खानें एनजीटी के आदेशों पर बंद कर दीं, क्योंकि उनके पास पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयरेंस प्रमाण पत्र नहीं था।

सरकार ने एनजीटी में की थी याचिका दायर
प्रदेश सरकार ने विधि विभाग की ओर से एनजीटी में याचिका दायर की गई थी कि 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाली चूना पत्थर की खानें एनजीटी के आदेशों के दायरे में नहीं आती हैं। एनजीटी ने प्रदेश की छोटी चूना पत्थर की खानों को बड़ी राहत देते हुए उन खानों को दायरे से बाहर किया है जो कि पांच हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल की हैं।
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खनन पट्टे की अवधि तक छोटी माइनें अब पर्यावरण क्लीयरेंस लिए बगैर चलती रहेंगी। जिले मेें 2017-18 तक इन खानों का कार्य बिना रुके चलेगा। मंगलवार को इन खानों में कार्य करने के लिए खनन पट्टेदारों को एक-फार्म जारी कर दिए हैं। लेकिन नदी-नालों पर एनजीटी की शर्तें लागू रहेंगी।
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सुरेश भारद्वाज, जिला खनन अधिकारी, सिरमौर 
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